धनबाद में जहरीली गैस का कहर: 15 दिन बाद भी रिसाव जारी, 3 मौतें

धनबाद:  झारखंड के धनबाद जिले के केंदुआडीह थाना क्षेत्र में बंद कोयला खदानों से हो रहे जहरीली गैस रिसाव का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे रिसाव के कारण अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को नया धौड़ा निवासी 40 वर्षीय सुरेंद्र सिंह भी इस जहरीली गैस की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठे।

हादसे का विवरण

सूचना के अनुसार, सुरेंद्र सिंह मंगलवार की सुबह अपने घर में सो रहे थे। परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई हलचल नहीं होने पर आनन-फानन में उन्हें निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। सुरेंद्र सिंह की मौत की खबर मिलते ही पूर्व विधायक संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

गैस रिसाव का लगातार खतरा

केंदुआडीह क्षेत्र में स्थित बंद कोयला खदानों से लगातार कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस रिस रही है। बीसीसीएल की फोरेंसिक टीम और CMFIR के वैज्ञानिक लगातार रिसाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर तकनीक असफल साबित हो रही है।

प्रभावित इलाके और हालात

राजपूत बस्ती, मस्जिद मोहल्ला और 5 नंबर इलाके में तेज दुर्गंध के साथ गैस रिसाव जारी है। स्थानीय लोगों को सिरदर्द, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो रही हैं। फिलहाल सबसे अधिक प्रभावित लोगों को सेल्टर हाउस में सुरक्षित रखा गया है।

स्थानीय लोगों की नाराजगी

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गैस रिसाव रोकने के लिए की जा रही कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति है। अब तक छह बोरिंग किए गए, जिनमें से केवल दो में नाइट्रोजन फिलिंग हुई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं मिला। लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं और तुरंत प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब तक की घटनाएँ

  • पिछले महीने नया धौड़ा की 35 वर्षीय रीता देवी और 28 वर्षीय मीना सिंह की मौत भी इसी गैस रिसाव से हुई थी।

  • अब 40 वर्षीय सुरेंद्र सिंह की मौत के बाद मृतकों की संख्या तीन हो गई है।

यह मामला प्रदूषण और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर है, और स्थानीय प्रशासन पर दबाव है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए।