2 दिन तक खाना न खाएं तो शरीर में क्या होता है? जानिए कितने दिनों तक बिना भोजन के चल सकती है हमारी बॉडी


नई दिल्ली। लंबे समय तक भोजन न करने का असर शरीर पर तेजी से दिखने लगता है। जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर चर्चा के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर अगर कोई व्यक्ति 24 से 48 घंटे तक खाना न खाए तो शरीर में क्या बदलाव होते हैं और मानव शरीर कितने दिनों तक बिना भोजन के जीवित रह सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर ऊर्जा के लिए अलग-अलग चरणों में अलग स्रोतों का उपयोग करता है और लंबे समय तक भोजन न मिलने पर कई जैविक प्रक्रियाएं सक्रिय हो जाती हैं।

पहले 24 घंटे: ग्लाइकोजन से मिलती है ऊर्जा

भोजन बंद होने के बाद शरीर सबसे पहले रक्त में मौजूद ग्लूकोज और लिवर में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग ऊर्जा के लिए करता है। आमतौर पर 12 से 24 घंटे के भीतर यह भंडार काफी हद तक खत्म होने लगता है।

इसके बाद शरीर ऊर्जा के लिए जमा वसा (फैट) को तोड़ना शुरू कर देता है। इस दौरान व्यक्ति को तेज भूख महसूस हो सकती है।

24 से 48 घंटे: शुरू होती है कीटोसिस

जब शरीर में ग्लूकोज की कमी होने लगती है, तो फैट तेजी से टूटकर कीटोन (Ketones) बनाता है। इस प्रक्रिया को कीटोसिस (Ketosis) कहा जाता है।

इस दौरान कुछ लोगों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं—

  • सिरदर्द
  • चक्कर या कमजोरी
  • चिड़चिड़ापन
  • ध्यान लगाने में कठिनाई
  • सांस या मुंह से हल्की अलग गंध आना

ऑटोफैजी क्या है?

कुछ शोधों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन न करने पर शरीर में ऑटोफैजी (Autophagy) नामक प्रक्रिया सक्रिय हो सकती है, जिसमें शरीर पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को तोड़कर उनका पुनर्चक्रण करता है।

हालांकि, वैज्ञानिक अभी भी यह अध्ययन कर रहे हैं कि इंसानों में यह प्रक्रिया कब, कितनी मात्रा में और किन परिस्थितियों में सक्रिय होती है। इसलिए इसे उपवास का निश्चित लाभ मानना उचित नहीं है।

लंबा उपवास क्यों हो सकता है नुकसानदायक?

यदि भोजन लंबे समय तक नहीं मिलता, तो शरीर केवल वसा ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के प्रोटीन का भी उपयोग ऊर्जा के लिए करने लगता है। इससे—

  • मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
  • शरीर की ताकत घटती है।
  • गंभीर मामलों में अंगों के काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

बिना भोजन के कितने दिन जीवित रह सकता है इंसान?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि व्यक्ति को पर्याप्त पानी मिलता रहे, तो उसकी उम्र, वजन, शरीर में वसा की मात्रा और स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर वह लगभग 30 से 60 दिन तक जीवित रह सकता है।

वहीं, बिना पानी के स्थिति कहीं अधिक गंभीर होती है और अधिकांश मामलों में शरीर करीब 3 से 7 दिनों से अधिक सामान्य रूप से कार्य नहीं कर पाता।

महत्वपूर्ण बात

लंबे समय तक उपवास या भूख हड़ताल स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। किसी भी लंबे उपवास को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं अपनाना चाहिए।