बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बलरामपुर पुलिस और एसटीएफ भुवनेश्वर की संयुक्त टीम ने करीब 16 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में अब तक कुल नौ आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस ने अब तक 3,139.570 किलोग्राम (करीब 3.1 टन) गांजा जब्त किया है।
पुलिस के मुताबिक, यह तस्करी नेटवर्क ओडिशा से राजस्थान समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए चार नए आरोपियों की पहचान दुर्वाशा साहु (46), सुबुधी साहु (40), अरुण कुमार राना (34) और प्रकाश खटुआ (35) के रूप में हुई है। सभी आरोपी ओडिशा के बौध जिले के कंटामाल थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इससे पहले पुलिस लोकेश शर्मा, आमिष अंसारी, नीलाम्बर कंहार सहित पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
दो बड़े NDPS मामलों से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में यह नेटवर्क थाना बसंतपुर में दर्ज दो अलग-अलग NDPS एक्ट के मामलों की जांच के दौरान सामने आया। पहला मामला 29 दिसंबर 2025 का है, जब एक टाटा ट्रक से 1,198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। तस्करों ने गांजे को छिपाने के लिए ट्रक में नारियल की भूसी भर रखी थी। यह खेप ओडिशा से राजस्थान भेजी जा रही थी।
दूसरा मामला 11 जून का है, जिसमें ट्रक RJ-14 GU-9078 से 1,941.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। दोनों मामलों में दर्ज अपराधों की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
सोनपुर से ट्रकों में लोड होकर पहुंचता था गांजा
जांच में सामने आया कि ओडिशा के सोनपुर स्थित लोपा ढाबा के पास पिकअप वाहनों के जरिए गांजा पहुंचाया जाता था। वहां से इसे बड़े ट्रकों में लोड कर राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता था। पुलिस से बचने के लिए तस्कर गांजे को अन्य सामान के नीचे छिपाकर परिवहन करते थे।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार चारों आरोपियों ने तस्करी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, आर्थिक लेनदेन और पूरे सप्लाई नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही है।
‘नशे के कारोबारियों को नहीं मिलेगी कोई राहत’
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना और जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना है।
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में भी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
