भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। नाथनगर थाना क्षेत्र में ढाई साल के एक मासूम बच्चे का कथित अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। बच्चे का शव बाद में गंगा नदी से बरामद हुआ। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, जबकि परिवार ने पुरानी रंजिश के चलते पड़ोसी रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है।
‘छठी’ के समारोह के बीच हुआ मासूम का अपहरण
मृतक के पिता के अनुसार, घर में तीसरे बच्चे के जन्म की खुशी में ‘छठी’ का कार्यक्रम आयोजित था। मेहमान अधिक होने के कारण वह अपने ढाई वर्षीय बेटे आदित्य के साथ पास के मंदिर परिसर में सो गए।
बुधवार तड़के जब उनकी नींद खुली तो बच्चा वहां नहीं था। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद नाथनगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
गंगा नदी में मिला शव
शिकायत दर्ज होने के कुछ समय बाद बच्चे के चाचा श्रीरामपुर घाट की ओर गए, जहां गंगा नदी में एक बच्चे का शव तैरता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों की मदद से शव बाहर निकाला गया और उसकी पहचान लापता आदित्य के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, शव पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच से मौत के कारण और चोटों की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि होगी।
परिवार ने जताई हत्या की आशंका
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के पीछे पुराना पारिवारिक और जमीन से जुड़ा विवाद हो सकता है। बच्चे के पिता ने अपने पड़ोसी रिश्तेदारों (गोतिया) पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और ‘छठी’ के कार्यक्रम के दौरान भी उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी।
फोरेंसिक जांच शुरू, पुलिस जुटी जांच में
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फोरेंसिक टीम और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, जबकि पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
नोट: प्रारंभिक जांच के आधार पर परिवार ने कुछ लोगों पर आरोप लगाए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच व न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
