साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को अल्पावधि ऋण, दिव्यांगजनों का कर्ज माफ, 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती मंजूर

रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए गए। इन निर्णयों का सीधा असर शासकीय कर्मचारियों, दिव्यांगजनों और शिक्षा क्षेत्र पर पड़ेगा।

कर्मचारियों को मिलेगा अल्पावधि ऋण

सरकारी सेवकों की आकस्मिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए बैंकों व वित्तीय संस्थाओं से प्रस्ताव मंगाए जाएंगे। वित्त विभाग को आगे की कार्रवाई और एमओयू तैयार करने का अधिकार दिया गया है।

दिव्यांगजनों का बकाया ऋण माफ

कैबिनेट ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) से राज्य के दिव्यांगजनों को दिए गए ₹24.50 करोड़ से अधिक के बकाया ऋण को एकमुश्त माफ करने का बड़ा निर्णय लिया। यह राहत स्वरोजगार और शिक्षा के लिए लिए गए ऋण पर दी गई है। इससे दिव्यांगों को नई आर्थिक ताकत मिलेगी।

स्पेशल एजुकेटर की सीधी भर्ती

बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े अहम प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। राज्य में 100 स्पेशल एजुकेटर की भर्ती अब बिना परीक्षा, सीधे मेरिट के आधार पर होगी। यह कदम विशेष शिक्षा की ज़रूरत वाले बच्चों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

मुख्य सचिव का विदाई और स्वागत

बैठक में 1989 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ जैन को विदाई दी गई और उनके कार्यकाल की सराहना की गई। वहीं, 1994 बैच के IAS अधिकारी विकास शील को नए मुख्य सचिव के रूप में स्वागत किया गया।

मंत्रिपरिषद के ये फैसले प्रशासन और समाज, दोनों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। खासकर कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा, दिव्यांगों की आर्थिक मजबूती और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में यह कदम अहम माने जा रहे हैं।