बिलासपुर में नशे के सौदागरों पर बड़ा वार: अदालत ने सुनाई 15-15 साल की सजा, डेढ़-डेढ़ लाख जुर्माना भी

बिलासपुर।नशे के खिलाफ जारी मुहिम में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। नशीले इंजेक्शन की तस्करी के मामले में विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) किरण त्रिपाठी की अदालत ने दो आरोपियों—अजीत साहू और घनश्याम साहू (निवासी अनूपपुर)—को 15-15 वर्ष कठोर कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।

कैसे पकड़े गए थे आरोपी

पिछले साल सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नशीले इंजेक्शन की तस्करी करने वाले हैं। उसलापुर रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर पुलिस ने दोनों को पकड़ा। तलाशी में 75 नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। इसके बाद धारा 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

जांच से लेकर फैसला तक

मामले की जांच उपनिरीक्षक अमृत साहू को सौंपी गई थी। उन्होंने सबूत और गवाहों के बयान जुटाकर आरोपियों की संलिप्तता साबित की। तत्परता से चालान पेश किया गया, जिसके आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।

पुलिस अधिकारी का सम्मान

सफल जांच के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने उपनिरीक्षक अमृत साहू को पुरस्कृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह मेहनत पूरे विभाग के लिए मिसाल है।

नशे पर सख्ती का संदेश

पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह फैसला समाज को जागरूक करेगा और अपराधियों को साफ संदेश देगा कि नशे का धंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।