उड़ीसा से छत्तीसगढ़ पहुंचा था गांजा सप्लाई का नेटवर्क, पति-पत्नी के कब्जे से 22.6 किलो गांजा बरामद

उड़ीसा से छत्तीसगढ़ पहुंचा था गांजा सप्लाई का नेटवर्क, पति-पत्नी के कब्जे से 22.6 किलो गांजा बरामद

सरगुजा। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच आबकारी उड़नदस्ता टीम को बड़ी सफलता मिली है। उड़ीसा से गांजा सप्लाई करने पहुंचे पति-पत्नी को सीतापुर थाना क्षेत्र के जजगा इलाके से गिरफ्तार किया गया है। दोनों के कब्जे से करीब साढ़े चार लाख रुपए कीमत का 22.6 किलो गांजा बरामद किया गया है।

जानकारी के मुताबिक संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम 24 मई 2026 को थाना सीतापुर क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम जब वंदना मेन रोड से मैनपाट की ओर जा रही थी, तब जजगा पुलिया के पास उड़ीसा नंबर की TVS जूपिटर के साथ एक महिला और पुरुष दो बोरियों के साथ संदिग्ध हालत में खड़े दिखाई दिए।

संदेह होने पर जैसे ही आबकारी टीम ने वाहन रोककर पूछताछ शुरू की, दोनों घबरा गए। पूछताछ में उन्होंने बोरियों में गांजा होने की बात स्वीकार कर ली। तलाशी लेने पर दोनों बोरियों से कुल 22.600 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4.5 लाख रुपए बताई जा रही है।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रूपनाथ यादव और उसकी पत्नी इच्छा यादव के रूप में हुई है। दोनों पति-पत्नी हैं। रूपनाथ मूल रूप से बंदना, थाना सीतापुर का रहने वाला है, लेकिन उड़ीसा निवासी इच्छा यादव से शादी के बाद वह उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के किंजीर कला थाना क्षेत्र स्थित ग्राम रस्टी में रहने लगा था।

प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों उड़ीसा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ में सप्लाई करने पहुंचे थे। आबकारी अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में आने वाला करीब 90 प्रतिशत गांजा उड़ीसा से ही सप्लाई किया जाता है।

पूरी कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में की गई। इस दौरान सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, प्रधान आरक्षक अशोक सोनी, महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।