NH-130 की काली रात: सड़क के बीच खड़ा ‘मौत का हाइवा’, तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर में चालक की दर्दनाक अंत

आधी रात 1:30 बजे गूंजा धमाका, चकनाचूर हुआ ट्रक… परिवार में पसरा मातम, पुलिस जांच में चौंकाने वाली लापरवाही के संकेत

बिलासपुर। NH-130 पर एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने जान ले ली। रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर ग्राम अमसेना के पास हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। आधी रात करीब 1:30 बजे सड़क के बीचो-बीच ब्रेकडाउन की हालत में खड़े एक हाइवा से तेज रफ्तार ट्रक जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मृतक की पहचान हरिशचंद्र पटेल (35 वर्ष), निवासी ग्राम रामपुर, थाना चिचोला, जिला राजनांदगांव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे 28 फरवरी को अंबिकापुर से माल लोड कर रायपुर की ओर जा रहे थे। 1 मार्च की रात जब उनका ट्रक पेंड्रीडीह-रतनपुर बाइपास की ओर बढ़ रहा था, तभी ग्राम अमसेना के पास सड़क के बीच खड़े हाइवा वाहन से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई।

 टक्कर इतनी भीषण कि मौके पर ही मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइवा ब्रेकडाउन की स्थिति में बिना पर्याप्त चेतावनी संकेतों के खड़ा था। अंधेरे और कम दृश्यता के कारण ट्रक चालक समय रहते वाहन को नहीं रोक सका। जोरदार टक्कर के साथ ही चीख-पुकार मच गई। ट्रक का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और हरिशचंद्र पटेल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही हिर्री पुलिस मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद चालक का शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

 पुलिस कार्रवाई और जांच

परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने हाइवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि वाहन ब्रेकडाउन की स्थिति में सड़क पर खड़ा था, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा संकेत नहीं लगाए गए थे। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

हरिशचंद्र पटेल अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। हादसे की खबर मिलते ही राजनांदगांव स्थित उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 फिर उठा सड़क सुरक्षा का सवाल

यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्रेकडाउन वाहनों के लिए सुरक्षा प्रबंध कितने मजबूत हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उचित रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा त्रिकोण लगाए जाते, तो शायद यह हादसा टल सकता था।

प्रशासन और पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात के समय विशेष सतर्कता बरतें और सड़क किनारे खड़े वाहनों के पास धीमी गति से गुजरें।

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सड़क पर बरती जाने वाली लापरवाही का भयावह परिणाम है — एक ऐसी चूक, जिसने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी।