बिलासपुर में जनजागरण गोष्ठी, सरकार और पूंजीपतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प; डॉ. रघु साहू बने जिलाध्यक्ष
बिलासपुर। भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर मूल निवासी संघ छत्तीसगढ़ (भारत) की जिला इकाई बिलासपुर ने बड़ा आयोजन करते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा के मुद्दे पर ‘उलगुलान’ का आगाज करने का संकल्प लिया। इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा चौक, उसलापुर में माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं आदिवासी भवन में आयोजित जनजागरण विचार गोष्ठी में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सीबीआई जज प्रभाकर ग्वाल थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मूल निवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत पटेल ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम मूरत कौशिक, जॉर्ज थॉमस, बौद्ध महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ प्रसाद अहिरवार, सज्जी जॉन, जगदीश ध्रुव, उत्तम नेताम, डॉ. संतोष साहू, सुभाष परते और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के संघर्षों और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके अधूरे सपनों और संघर्षों को आगे बढ़ाने के लिए समाज को संगठित होने की आवश्यकता है। वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी और मूल निवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, सरकारी संस्थानों के निजीकरण, महंगाई, सामाजिक असमानता और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के वंचित और मूल निवासी वर्गों को अपने अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के लिए गांव-गांव तक अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर संगठनात्मक विस्तार के तहत सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रघु साहू को मूल निवासी संघ जिला बिलासपुर का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें जिले में संगठन को मजबूत करने और नए सदस्यों को जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी।
कार्यक्रम में बी.के. पासवान, अंबिका कौशिक, जय साहू, जे. अजीत कुमार, आर.के. बांधले, राजेंद्र कौशिक, उत्तरा सक्सेना, अजय राय, टिकेश कुमार, जंतु मरकाम, गनपत लाल, राजेंद्र डहरिया, राजेश टंडन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और मूल निवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
बिरसा मुंडा के विचारों को गांव-गांव पहुंचाने का आह्वान
वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के संघर्ष, सामाजिक चेतना और अधिकारों की लड़ाई से नई पीढ़ी को जोड़ना समय की आवश्यकता है। उनके विचारों और संविधान के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, जागरूकता और अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।
