आबकारी उड़नदस्ता टीम को मिली बड़ी सफलता: बतौली में नशे का काला खेल बेनकाब! झारखंड का सप्लायर जीजा के साथ धराया, 1200 नशीले इंजेक्शन जब्त

बतौली में नशे का काला खेल बेनकाब! झारखंड का सप्लायर जीजा के साथ धराया, 1200 नशीले इंजेक्शन जब्त


बस स्टॉप पर बोरी देख कांपी टीम की नसें, 6 लाख का ज़हर सरगुजा में फैलने से पहले पकड़ा गया

सरगुजा/बतौली।सरगुजा संभाग में नशे के सौदागरों के खिलाफ संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम की ताबड़तोड़ कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में टीम को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस बार झारखंड से सरगुजा में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाला कुख्यात सप्लायर अपने ही जीजा के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 जनवरी 2026 की शाम आबकारी उड़नदस्ता टीम बतौली क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान बेलकोटा बस स्टॉप पर दो युवक दो बोरियों के साथ संदिग्ध हालत में खड़े दिखाई दिए। टीम ने जब गाड़ी रोककर पूछताछ की तो दोनों घबरा गए, जिससे शक और गहरा गया।

बोरी खुलते ही सामने आया नशे का खौफनाक सच

पूछताछ में एक युवक ने अपना नाम अनूप गुप्ता, निवासी गोदरमाना, जिला गढ़वा (झारखंड) बताया, जबकि दूसरे ने अपना नाम विनय गुप्ता, निवासी पाटोली, जिला सरगुजा बताया।
जब दोनों के पास रखी बोरियों की तलाशी ली गई, तो टीम भी हैरान रह गई—

👉 एक बोरी से 600 नग REXOGESIC Injection
👉 दूसरी बोरी से 600 नग AVIL Injection

कुल 1200 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत करीब ₹6 लाख आंकी गई है। मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

जीजा के घर रुककर देने वाला था ‘मौत का सामान’

पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी अनूप गुप्ता ने बताया कि वह झारखंड बॉर्डर का फायदा उठाकर गोदरमाना क्षेत्र में रहकर पूरे सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करता था।
उसने कबूल किया कि विनय गुप्ता उसका जीजा है, जो बतौली में रहता है। वह गढ़वा से माल लेकर आया था और जीजा के घर ही ठहरा हुआ था, जहां से बेलकोटा में एक ग्राहक को यह नशीला सामान सप्लाई करने वाला था।

नशे के नेटवर्क की परतें खुलीं

आरोपी ने यह भी बताया कि वह गढ़वा के रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद जायसवाल के जरिए नशीले इंजेक्शन खरीदता था।

  • रंजीत विश्वकर्मा मुख्य डीलर है

  • मंजूर अंसारी और प्रमोद कलवार माल पहुंचाने का काम करते हैं

इस खुलासे के बाद आबकारी विभाग अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।

NDPS एक्ट के तहत जेल भेजे गए आरोपी

दोनों आरोपियों को NDPS एक्ट की धारा 22(सी) के तहत गिरफ्तार कर माननीय विशेष न्यायालय, अंबिकापुर में पेश किया गया, जहां से रिमांड पर लेकर जेल दाखिल कर दिया गया।

जनवरी 2026 की पांचवीं बड़ी कार्रवाई

आबकारी विभाग के मुताबिक, जनवरी 2026 में यह उड़नदस्ता टीम की पांचवीं बड़ी कार्रवाई है, जिससे नशे के सौदागरों में हड़कंप मचा हुआ है।

इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उप निरीक्षक टी.आर. केहरीमुख्य आरक्षक अशोक सोनीरमेश दुबेकुमारु रामनगर सैनिक गणेश पांडेरणविजय सिंहओमप्रकाश गुप्ता और नीरज चौहान का महत्वपूर्ण योगदान रहा।