रायपुर। राजधानी रायपुर में नशा मुक्ति केंद्र के भीतर एक भयावह घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। युवक राजन यादव की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला हत्या में तब्दील हो गया।
पुलिस ने इस सनसनीखेज प्रकरण में एक विधि से संघर्षरत बालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर राजन यादव के साथ बेरहमी से मारपीट करने और गला दबाकर हत्या करने का आरोप है।
कैसे हुआ खुलासा:
मौदहापारा थाना से खमतराई थाना को 28 अक्टूबर 2025 को मर्ग की सूचना मिली थी। मृतक को डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल (मेकाहारा) में भर्ती कराया गया, जहां करीब एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया कि मौत मारपीट और गला दबाने से हुई।
सीसीटीवी फुटेज ने घटना का रहस्य खोल दिया। 26 से 27 अक्टूबर की मध्य रात्रि के दौरान तीन व्यक्तियों को मृतक के साथ लगातार मारपीट करते देखा गया। आरोपियों की पहचान की गई:
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छगन लाल उर्फ छवि साहू (36 वर्ष) – नशा मुक्ति केंद्र का कर्मचारी
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आकाश यादव (25 वर्ष) – नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक
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एक विधि से संघर्षरत बालक
पूछताछ में आरोपियों ने मारपीट की स्वीकारोक्ति की। फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना खमतराई में अपराध क्रमांक 1243/25 पंजीबद्ध किया गया। विधि से संघर्षरत बालक को बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जबकि अन्य दो आरोपियों को रायपुर न्यायालय में पेश किया गया।
नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल:
इस घटना ने नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आगे भी गहन जांच जारी है और यदि अन्य किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
