रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बाबा गुरु घासीदास द्वारा बताए गए सत्य, समानता और मानवता के मार्ग पर चलकर ही छत्तीसगढ़ को विकसित और समृद्ध राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने यह बात मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित गुरु घासीदास जयंती एवं तीन दिवसीय मेला कार्यक्रम में कही।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं भी कीं:
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लालपुर में नवीन महाविद्यालय की स्थापना
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मेला एवं कार्यक्रम आयोजन हेतु अनुदान को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करना
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कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 25 लाख रुपये
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मुंगेली सतनाम भवन के जीर्णोद्धार हेतु 25 लाख रुपये की स्वीकृति
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास मंदिर एवं जैतखाम में पूजा-अर्चना करके प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना के साथ की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया गया है। प्रदेश में अब तक 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान की खरीद के लिए संकल्पित है और बीते दो वर्षों में धान के रकबे और किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा, पीएसी चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है और राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे समाज के हर वर्ग के बेटा-बेटी उद्यमी बन सकें।
इस अवसर पर सतनाम आचार संहिता और जागरूकता कैलेंडर का भी विमोचन किया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण को सशक्त करते हुए बजट 50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया है।
कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में समावेशी विकास सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुसूचित समाज के पांच प्रतिभावान बेटा-बेटियों को पायलट प्रशिक्षण हेतु 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक डोमन लाल कोरसेवाड़ा, पूर्व विधायक सनम जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय, उपाध्यक्ष शांति देवचरण भास्कर, जनपद अध्यक्ष लोरमी वर्षा विक्रम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष सुजीत वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में सतनामी समाज के अनुयायी उपस्थित थे।
