रायपुर। छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चीफ मैनेजर विजय कुमार आहके को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने बैंक के इंटरनल अकाउंट से करीब 2.78 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर सरकारी धन का गबन किया।
कैसे हुआ खुलासा:
यह कार्रवाई SBI, रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय से मिली शिकायत के आधार पर शुरू हुई। 17 दिसंबर को ACB में अपराध क्रमांक 67/2025 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी स्पेशलाइज्ड करेंसी मैनेजमेंट शाखा (SCAB) के प्रमुख थे, जो अन्य शाखाओं को नकदी पहुंचाने और उसका प्रबंधन करने की जिम्मेदारी संभालती है।
अवैध योजना:
विजय कुमार ने बैंक के इंटरनल ऑफिस अकाउंट (सस्पेंस अकाउंट) का दुरुपयोग किया। आठ महीनों तक योजनाबद्ध तरीके से सरकारी राशि अपने और पत्नी के खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने बैंक में लगे रेड फ्लैग इंडिकेटर (RFI) सिस्टम को बायपास कर फेक एंट्रीज की, जिससे कोई चेतावनी सिस्टम में नहीं आई।
क्रिप्टो और कमोडिटी ट्रेडिंग में निवेश:
अवैध निकासी की गई राशि को आरोपी ने क्रिप्टो करेंसी, ऑप्शंस और कमोडिटी ट्रेडिंग में लगाया। इसके लिए उसने धन ऐप और डेल्टा एक्सचेंज का उपयोग किया। इस प्रकार, सरकारी निधियों का गबन हुआ और बैंक की विश्वसनीयता को गंभीर झटका लगा।
गिरफ्तारी और जांच:
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद, ACB ने विजय कुमार आहके को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जांच अब भी जारी है और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। एसीबी ने चेतावनी दी है कि यह मामला बैंकिंग प्रणाली में अंतरिम निगरानी की कमी और संवेदनशील खातों के दुरुपयोग को उजागर करता है।
संभावित आगे की कार्रवाई:
जांच पूरी होने पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। इस घोटाले ने साबित कर दिया कि बैंकिंग सिस्टम में किसी भी सुरक्षा चूक का गंभीर दुरुपयोग किस हद तक किया जा सकता है।
