बिहार: प्रसव पीड़ा के बावजूद महिला DCLR ने पूरी की चुनाव ड्यूटी, फिर अस्पताल में जन्मी बेटी

नालंदा में मातृत्व और कर्तव्य का अनोखा संगम, रश्मि कुमारी बनी जिले में नजीर

नालंदा (बिहार)। नालंदा जिले में हिलसा अनुमंडल की DCLR रश्मि कुमारी ने प्रसव पीड़ा के बावजूद लोकतंत्र के महापर्व विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का पालन कर पूरे जिले को गर्व महसूस कराया।

प्रसव पीड़ा को छोड़ा किनारे, लोकतंत्र को रखा प्राथमिकता

गर्भवती रश्मि कुमारी का प्रसव काल अंतिम चरण में था। बावजूद इसके, उन्होंने इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के 390 मतदान केंद्रों की निगरानी पूरी निष्ठा के साथ की। उन्होंने चुनावी कार्यों के दौरान खुद और अजन्मे शिशु की सुरक्षा से ऊपर लोकतंत्र की सेवा को प्राथमिकता दी।

रश्मि ने कहा, “यह लोकतंत्र का महापर्व है। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे कारण प्रशासनिक कार्यों में कोई कमी रह जाए। प्रसव पीड़ा जरूर थी, लेकिन कर्तव्य पहले था।”

पहले ईवीएम जमा किए, फिर दी बेटी को जन्म

मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी रश्मि ने सभी ईवीएम मशीनें सुरक्षित रूप से नालंदा कॉलेज, बिहारशरीफ के संग्रह केंद्र में जमा करने तक राहत नहीं ली। इसके बाद उन्होंने अस्पताल पहुंचकर स्वस्थ कन्या को जन्म दिया।

प्रशासन और जनता की सराहना

उनकी कर्तव्यनिष्ठा और मातृत्व शक्ति को देखकर जिला प्रशासन, सहकर्मी और आम लोग रश्मि कुमारी की प्रशंसा कर रहे हैं। इस घटना ने यह साबित किया कि जब मातृत्व और सेवा भावना एक साथ होती हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है।

रश्मि कुमारी की यह कहानी न केवल महिला अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि लोकतंत्र और सेवा की भावना के प्रतीक के रूप में भी याद की जाएगी।