छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत की उम्मीद, ‘बिजली बिल हाफ’ योजना 100 से बढ़कर 200 यूनिट तक हो सकती है लागू
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले — जनता की चिंताओं से सरकार पूरी तरह वाकिफ, जल्द मिलेगी राहत
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर जल्द आ सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संकेत दिया है कि राज्य सरकार ‘बिजली बिल हाफ योजना’ में संशोधन पर गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की समस्याओं को समझती है और ऊर्जा उपभोग में संतुलन बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने यह बयान गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित दीपावली मिलन समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिया।
बिजली बिलों में बढ़ोतरी पर सरकार का फोकस
मीडिया प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सामने बिजली बिल हाफ योजना में हुए हालिया संशोधन से उपजे असंतोष का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि नए नियमों के चलते छोटे और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जिससे कई परिवारों को हर महीने के बिलों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा—
“हमारी सरकार की मंशा हमेशा जनता को राहत देने की रही है। बिजली बिलों को लेकर जो भी निर्णय होगा, वह जनता के हित में ही होगा।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसी पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालना चाहती और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ अधिकतम उपभोक्ताओं तक पहुंचे।
200 यूनिट तक बढ़ सकती है योजना की सीमा
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्यभर में उम्मीद जगी है कि बिजली बिल हाफ योजना की सीमा 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट तक की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, ऊर्जा विभाग उपभोक्ता श्रेणियों और खपत सीमा का नया आकलन कर रहा है। संभावना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में राज्य सरकार इस संबंध में संशोधित नीति या अधिसूचना जारी कर सकती है।
उपभोक्ताओं में जागी नई उम्मीद
संशोधन के बाद से ही राज्य के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं में असंतोष था। विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और व्यापारी वर्ग ने सीमा बढ़ाने की मांग की थी। कई उपभोक्ता योजना से बाहर हो जाने के कारण दोगुना बिल भरने को मजबूर थे। अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद उनमें नई उम्मीदें जागी हैं कि राज्य सरकार जल्द राहत प्रदान करेगी।
सूर्य घर योजना में भी बदलाव की तैयारी
मुख्यमंत्री साय ने केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर योजना’ को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सब्सिडी प्रक्रिया को आसान बनाने पर विचार कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने से पहले ही आर्थिक सहायता मिल सके। इससे ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ पाएंगे और राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बल मिलेगा।
ऊर्जा नीति में व्यापक पुनर्विचार की संभावना
मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य की ऊर्जा नीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यदि बिजली बिल हाफ योजना की सीमा बढ़ाई जाती है, तो करीब 30 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। यह कदम सरकार की जनहितैषी छवि को मजबूत करेगा और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे बिजली दरों के मुद्दे पर राजनीतिक बढ़त भी दिला सकता है।
दीपावली से पहले मुख्यमंत्री का यह संदेश आम उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी का संकेत बन गया है, जिससे प्रदेश में आशा और राहत की नई किरण दिखाई देने लगी है।
