वरिष्ठ छत्तीसगढ़ी कलाकार सलीम अंसारी नहीं रहे
छत्तीसगढ़ सिनेमा जगत शोक में डूबा, अभिनय और सादगी की मिसाल थे सलीम अंसारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ और लोकप्रिय कलाकार सलीम अंसारी का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री और कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। फिल्म डायरेक्टर सतीश जैन ने उनके निधन की पुष्टि की। सलीम अंसारी ने अपने लंबे और समर्पित अभिनय करियर में सैकड़ों छत्तीसगढ़ी फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उनकी सहज अभिनय शैली, हास्य से भरे संवाद और विनम्र व्यक्तित्व ने उन्हें हर उम्र के दर्शकों के दिल के बेहद करीब ला दिया था। उनके निधन को छत्तीसगढ़ सिनेमा की एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
थिएटर से की शुरुआत, फिल्मों तक चमका सितारा
सलीम अंसारी ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत थिएटर से की थी। लंबे समय तक रंगमंच से जुड़े रहने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ी एल्बम और फिल्मों में अभिनय किया। उनका काम दर्शकों द्वारा खूब सराहा गया।
उन्होंने निर्देशक सतीश जैन की चर्चित फिल्म “झन भुलव मां-बाप ला” में अभिनय कर अपार लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद उन्होंने कई छत्तीसगढ़ी और भोजपुरी फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनकी कलाकारी ने छत्तीसगढ़ सिनेमा को नई दिशा और पहचान दी।
“लोगों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार”
एक पुराने इंटरव्यू में सलीम अंसारी ने कहा था —
“मैं थिएटर से आया हूँ। बहुत साल थिएटर किया, फिर एल्बम में काम किया। एल्बम गिने नहीं जा सकते। फिर फिल्मों में आया। लोगों ने मेरे काम को पसंद किया — यही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।”
उनके इस कथन से उनकी सादगी, कला के प्रति समर्पण और दर्शकों के प्रति गहरा प्रेम झलकता है।
कला जगत में शोक की लहर
सलीम अंसारी के निधन से छत्तीसगढ़ की कला और सिनेमा दुनिया शोक में डूब गई है। सोशल मीडिया पर कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। सभी का कहना है कि उन्होंने अपने अभिनय से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को परदे पर जीवंत कर दिया था।
उनकी यादें, उनके संवाद और उनका योगदान छत्तीसगढ़ी सिनेमा में हमेशा जीवित रहेंगे। सलीम अंसारी का जाना न सिर्फ एक कलाकार का नुकसान है, बल्कि एक संवेदनशील इंसान और सच्चे कलाकार की विदाई भी है।
