ओडिशा से यूपी-एमपी तक फैला गांजा नेटवर्क ध्वस्त, 11.90 लाख का माल जब्त — तीन तस्कर गिरफ्तार
नगरनार पुलिस की दो दिन की सटीक कार्रवाई से उजागर हुआ बड़ा ड्रग रैकेट
जगदलपुर। छत्तीसगढ़-ओडिशा की सरहद पर स्थित नगरनार क्षेत्र एक बार फिर गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क के खुलासे के बाद चर्चा में है। बस्तर पुलिस ने दो दिनों के भीतर की गई अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 11 लाख 90 हजार रुपए मूल्य का गांजा बरामद किया है। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जो ओडिशा से गांजा लाकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर डिलीवरी देने जा रहे थे।
दो दिन में दो बड़ी कार्रवाइयां
नगरनार थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से अलग-अलग वाहनों में गांजा की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सरहदी इलाके में नाकेबंदी कर वाहनों की सघन जांच शुरू की।
पहली कार्रवाई 29 अक्टूबर को की गई, जब ओडिशा से आ रहे एक ट्रक को नगरनार चेकपोस्ट पर रोका गया। जांच के दौरान ट्रक से 73 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत 7 लाख 30 हजार रुपए आंकी गई। ट्रक चालक मुराद साह (30), निवासी मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया गया।
दूसरी कार्रवाई 30 अक्टूबर को हुई, जब पुलिस ने ओडिशा से आ रही एक कार को रोका। तलाशी में 46.37 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 4 लाख 60 हजार रुपए बताई गई। कार में सवार दो युवक — मोहम्मद शोएब (24) और मुर्शीद (35), दोनों उत्तर प्रदेश निवासी — को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
ओडिशा से लेकर यूपी तक फैला नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे ओडिशा से गांजा खरीदकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे, जहां इसे बड़े तस्करी नेटवर्क के माध्यम से बेचा जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क में और कौन-कौन से गिरोह हैं और क्या स्थानीय सप्लाई चेन भी सक्रिय है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, तस्कर जेल भेजे गए
एएसपी महेश्वर नाग ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन और वाहन चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ड्रग तस्करी का मुख्य मार्ग बना नगरनार इलाका
बस्तर संभाग का नगरनार क्षेत्र लंबे समय से ओडिशा और आंध्र प्रदेश से आने वाले नशे के तस्करों का मुख्य मार्ग माना जाता है। यहां से होकर नशीले पदार्थ मध्य भारत के कई हिस्सों तक पहुँचाए जाते हैं। पुलिस की हालिया कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
