बिलासपुर के मस्तूरी रोड पर कार चालकों की खतरनाक स्टंटबाजी मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने पुलिस की मौजूदा कार्रवाई को नाकाफी बताया और साफ किया कि अब कोर्ट की अनुमति के बिना जब्त गाड़ियां नहीं छोड़ी जाएंगी।
कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि अब तक मोटर व्हीकल एक्ट के तहत क्या-क्या कार्रवाई की गई। मुख्य सचिव से शपथ पत्र के साथ जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
मामला क्या है?
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ग्राम लावर स्थित फार्म हाउस में जन्मदिन मनाने जा रहे कुछ युवक स्टंटबाजी कर रहे थे।
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ये लोग चलती कारों में लापरवाही से ड्राइविंग कर राहगीरों की जान जोखिम में डाल रहे थे।
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राष्ट्रीय राजमार्ग 49 पर यातायात जाम की स्थिति भी पैदा हो गई।
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इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
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पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 18 कारों को जब्त किया।
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कारों में पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
हाईकोर्ट का आदेश
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अब कोर्ट की अनुमति के बिना कोई भी गाड़ी नहीं छोड़ी जाएगी।
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मुख्य सचिव को शपथ पत्र के साथ जवाब देने के लिए नोटिस जारी।
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अगली सुनवाई 23 सितंबर को।
मस्तूरी रोड की खतरनाक स्टंटबाजी ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा को चुनौती दी, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हाईकोर्ट को सक्रिय होने पर मजबूर कर दिया।
कोर्ट की सख्ती और पुलिस की कार्रवाई यह संदेश देती है कि सड़क पर खतरनाक ड्राइविंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
