नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में अचानक आई दरार ने वैश्विक बाजार की धड़कनें तेज कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ के बाद माहौल गरमाया हुआ है। अब दोनों देशों के रिश्तों को बचाने के लिए वॉशिंगटन ने डैमेज कंट्रोल मोड ऑन कर दिया है।
वार्ता की टेबल पर कौन?
-
अमेरिकी टीम की कमान ब्रेंडन लिंच, सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण और मध्य एशिया) संभाल रहे हैं।
-
भारत की ओर से विशेष सचिव राजेश अग्रवाल प्रमुख वार्ताकार हैं।
-
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारतीय सामान पर 25% शुल्क + 25% अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है।
भारत का सख्त रुख
भारत ने 50% भारी शुल्क को अनुचित करार दिया है।
-
फरवरी 2025 में दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम शुरू करने को हरी झंडी दी थी।
-
अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन छठा दौर (25-29 अगस्त) अचानक रोक दिया गया।
वाणिज्य मंत्रालय की सफाई
भारतीय अधिकारियों ने साफ किया – “यह बैठक छठा दौर नहीं है, बल्कि उसके पहले की बातचीत है। दोनों देश वर्चुअल माध्यम से लगातार जुड़े हुए हैं।”
पीएम मोदी बनाम ट्रंप
-
पीएम मोदी ने हाल ही में ट्रंप द्वारा रिश्तों के सकारात्मक मूल्यांकन पर गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी थी।
-
रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की आपत्तियों के बीच भारत ने दोहराया कि ऊर्जा खरीद उसका राष्ट्रीय हित है।
इस वार्ता से क्या भारत-अमेरिका रिश्तों में आई खटास दूर होगी या हालात और बिगड़ेंगे?
यही सस्पेंस अब दुनिया भर के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
