तखतपुर। शादी का माहौल, रस्मों की गूंज और चारों तरफ खुशियों का माहौल… लेकिन इसी बीच अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिसने पूरे कार्यक्रम का रुख ही बदल दिया। दुल्हन ने ऐसा फैसला लिया, जिसने वहां मौजूद हर किसी को हैरान भी किया और गर्व भी महसूस कराया।
मामला सरगांव क्षेत्र के लोहदा गांव का है, जहां मानिकपुरी परिवार में शुक्रवार रात बारात घठोलीपारा (कुकुसदा) से पहुंची थी। शादी की रस्में देर रात तक चलती रहीं और शनिवार सुबह तक भी कार्यक्रम पूरा नहीं हो पाया था। इसी दौरान दुल्हन चंचल मानिकपुरी की बीए तृतीय वर्ष राजनीति विज्ञान की परीक्षा सुबह 7 बजे निर्धारित थी।
ऐसे में दुल्हन ने बिना देर किए एक बड़ा फैसला लिया। शादी की रस्मों के बीच ही उन्होंने परीक्षा देने का निर्णय लिया और सीधे परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गईं। वह संत शिरोमणि गुरु रविदास शासकीय महाविद्यालय, सरगांव पहुंचीं और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी परीक्षा दी।
चंचल के इस फैसले में दूल्हे प्रवीण मानिकपुरी और दोनों परिवारों ने भी पूरा साथ दिया। किसी ने भी उनके इस निर्णय का विरोध नहीं किया, बल्कि सभी ने शिक्षा को प्राथमिकता देने की इस पहल की सराहना की।
परीक्षा पूरी होने के बाद विवाह कार्यक्रम फिर से शुरू हुआ और सभी रस्में पूरी की गईं। यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश भी दे रही है।
