जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिला पर टोनही प्रताड़ना के भयावह मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। दुलदुला थाना क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर में 8 नवंबर को हुई इस घटना में अब तक कुल 10 आरोपी जेल में हैं, और दो फरार बैगाओं को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामला तब शुरू हुआ जब रायपुर निवासी सुनीता भगत अपने गृह ग्राम भिंजपुर आईं। उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अंधविश्वास के चलते रायगढ़ जिले के कथित बैगा कृपा चौहान से संपर्क किया। बैगा और उनके साथियों ने मृतका को जिंदा करने का दावा किया और पैसे वसूले। जब उन्हें भुगतान नहीं मिला, तो उन्होंने फौसी बाई (53 वर्ष) पर टोनही होने का आरोप मढ़ दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर फौसी बाई के साथ बेहद क्रूर मारपीट की।
पुलिस ने पहले ही मृतका के परिजनों समेत आठ आरोपियों को जेल भेजा था। लेकिन दो बैगा—रत्थू राम चौहान (53) और विरनची महतो (63)—घटना के बाद फरार चल रहे थे। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन्हें ग्राम लेंथरा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपराध की स्वीकारोक्ति की और उनके कब्जे से तंत्र-मंत्र में प्रयुक्त बंदर की हड्डी भी जब्त की गई।
जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि वे टोनही और अंधविश्वास से दूर रहें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में की गई सख्त कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि टोनही प्रताड़ना और अंधविश्वास आधारित अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना फिर एक बार साबित करती है कि अंधविश्वास कैसे निर्दोष लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल देता है।
