“विकास के दावों की पोल खुली! सड़कों के अभाव में जशपुर का दर्दनाक सच सामने आया”
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हैरान करने वाला और दर्दनाक सच सामने आया है, जिसने प्रशासन की नाकामी को उजागर कर दिया है। सर्पदंश से पीड़ित महिला मुनीबाई को गांव की एक महिला ने अपने पीठ पर लादकर 5 किलोमीटर तक पैदल अस्पताल तक पहुंचाया।
यह घटना बगीचा विकासखंड के दूरस्थ चुरीलकोना गांव की है। 37 वर्षीय गुनिया बाई ने सर्पदंश पीड़िता को चुरीलकोना से मरंगी तक की दूरी पैदल तय कर निजी वाहन तक पहुंचाया, जहां से महिला को सन्ना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पीड़िता की स्थिति अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार गांव के सरपंच और सचिव को सड़क निर्माण की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि आजादी के 7 दशक बीत जाने के बावजूद विकास की बातें केवल कागजों तक सीमित हैं।
सड़कों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह दर्दनाक दृश्य प्रशासन की लापरवाही और ग्रामीणों की संघर्षशील जीवनशैली की हकीकत को उजागर करता है।
