जशपुर। प्रकृति प्रेमियों और रोमांच चाहने वालों के लिए खुशखबरी! अब जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा तक 13.60 किमी लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिससे दनगरी घाट तक सुगम यातायात सुनिश्चित होगा। इसके लिए 18.37 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है और निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
पर्यटन और रोजगार को नई दिशा
घने जंगल, कल-कल बहते झरने, पहाड़ी नदियां और ऊंचे पठार — जशपुर प्राकृतिक सुंदरता का अनमोल खजाना है। इस सड़क के बनने से आसपास के ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर के पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य न सिर्फ स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी है।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व
मुख्यमंत्री ने हाल ही में जशपुर के पांच ग्रामों में होम स्टे की शुरुआत की, जिसमें दनगरी भी शामिल है। इससे देश-दुनिया के पर्यटक यहां की समृद्ध संस्कृति और लोकजीवन से परिचित होंगे।
साथ ही, मधेश्वर पहाड़ को विश्व की सबसे बड़ी प्राकृतिक शिवलिंग प्रतिकृति के रूप में मान्यता मिली है और इसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।
जशपुर के पर्यटन स्थलों की जानकारी और यात्रा योजना के लिए EaseMyTrip वेबसाइट में विस्तृत विवरण उपलब्ध है।
