सूरजपुर। सूरजपुर जनपद पंचायत की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई, जब जनपद उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र क्रमांक-21 के निर्वाचित जनपद सदस्य मनमथ कुमार बछाड़ के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी गई। शिकायत में दावा किया गया है कि सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण और पूर्व में दर्ज अपराध की जानकारी छिपाकर चुनाव लड़ा गया, जिसके चलते अब उनकी सदस्यता समाप्त करने और आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग उठने लगी है।
छत्तीसगढ़ असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तपन सिकदार ने कलेक्टर सूरजपुर को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मनमथ कुमार बछाड़ ने भारत सरकार के पुनर्वास विभाग की भूमि तथा छोटे झाड़ के जंगल की जमीन पर कथित अवैध कब्जा किया था। शिकायत के अनुसार तहसीलदार न्यायालय लटोरी द्वारा वर्ष 2021 में पारित आदेश में संबंधित भूमि पर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 14 जुलाई 2021 को तहसीलदार के समक्ष दिए गए बयान में मनमथ बछाड़ ने कथित रूप से सरकारी भूमि पर कब्जे की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद चुनावी नामांकन के दौरान प्रस्तुत शपथ पत्र में अतिक्रमण संबंधी जानकारी को ‘निरंक’ बताया गया।
मामले को और गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि थाना जयनगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद चुनावी हलफनामे में आपराधिक प्रकरण की जानकारी भी नहीं दी गई। इस आधार पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 36 के तहत उनकी सदस्यता समाप्त करने और आगामी छह वर्षों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
इसी मामले में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को भी अलग से शिकायत सौंपकर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में धोखाधड़ी, झूठा बयान, झूठा शपथ पत्र और साजिश से संबंधित धाराओं का उल्लेख करते हुए आरोपित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन अथवा मनमथ कुमार बछाड़ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला सूरजपुर की स्थानीय राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।
