रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर हाथी शावक की मौत का मामला सामने आया है। खरसिया वन क्षेत्र के गुर्दा गांव के पास मांड नदी में एक हाथी शावक का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में शावक की मौत पानी में डूबने से होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने मांड नदी में एक हाथी शावक का शव तैरते हुए देखा। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को नदी से बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से खरसिया क्षेत्र में 50 से अधिक हाथियों का बड़ा दल विचरण कर रहा है। आशंका है कि मृत शावक इसी झुंड का हिस्सा था और किसी कारणवश नदी में बह गया या डूब गया।
इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जनवरी 2026 से अब तक केवल रायगढ़ जिले में ही 9 हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
फिलहाल वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
वहीं, वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों के लगातार बढ़ते मूवमेंट और शावकों की मौत की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग को विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
