एक क्लिक… और फैक्ट्री को हरी झंडी! छत्तीसगढ़ का सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 बना निवेशकों का गेमचेंजर
जहां फाइलें अटकती थीं महीनों, अब हफ्तों में मंजूरी… CM साय की दूरदर्शी पहल से उद्योग-रोजगार की बाढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिजों और संसाधनों का राज्य नहीं रहा—यह तेजी से देश का नया औद्योगिक और तकनीकी हब बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू किया गया सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 राज्य के औद्योगिक इतिहास में एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो रहा है। यह पहल उद्योगों की स्थापना से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को तोड़ते हुए निवेशकों के लिए एक क्लिक में मंजूरी का रास्ता खोल रही है।
उद्योग स्थापना में ऐतिहासिक बदलाव
अब तक नए उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे—लाइसेंस, एनओसी, परमिट… और महीनों की देरी। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 ने इस पूरे झंझट को खत्म कर दिया है। यह एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म सभी अनुमतियों को एक जगह लाता है—तेज़, पारदर्शी और भरोसेमंद।
डिजिटल पोर्टल से निवेशकों को बड़ी राहत
इस पोर्टल पर उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, श्रम विभाग, बिजली विभाग, नगर निगम समेत सभी सेवाएं एक साथ उपलब्ध हैं।
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ऑनलाइन आवेदन
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दस्तावेज़ अपलोड
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रियल-टाइम ट्रैकिंग
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समयबद्ध स्वीकृति
सब कुछ डिजिटल—बिना दफ्तरों की दौड़ और बिना देरी।
कैसे मिलती है मंजूरी?
उद्यमी पोर्टल पर पंजीकरण कर उद्योग का प्रकार, भूमि विवरण, निवेश और श्रमिक संख्या दर्ज करता है। आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित विभागों तक पहुंच जाता है। सभी स्वीकृतियों के बाद एक ही Integrated Clearance Certificate जारी होता है—और उद्योग स्थापना की राह साफ।
औद्योगिक विकास को नई रफ्तार
सिस्टम लागू होने के बाद जहां पहले महीनों-सालों लगते थे, अब कुछ ही हफ्तों में उद्योग शुरू हो रहे हैं।
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रायपुर-बिलासपुर में MSME, राइस मिल, फूड प्रोसेसिंग, गारमेंट यूनिट्स
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बस्तर-सरगुजा में स्थानीय संसाधन आधारित उद्योग
नतीजा: स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन।
CM साय का विजन: आधुनिक-औद्योगिक छत्तीसगढ़
1 जुलाई 2025 को आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 में CM साय ने साफ किया—
छत्तीसगढ़ अब सेमीकंडक्टर, AI, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों का केंद्र बनेगा।
नवा रायपुर को “सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़” बनाने का लक्ष्य तय है।
लॉजिस्टिक्स में ऐतिहासिक छलांग
छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी मिल चुकी है।
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ड्राई पोर्ट
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इनलैंड कंटेनर डिपो
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ई-कॉमर्स और निर्यात को बढ़ावा
राज्य की भौगोलिक स्थिति इसे राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब बनाने में मदद कर रही है।
रिकॉर्ड निवेश, Ease of Doing Business में उछाल
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350+ संरचनात्मक सुधार (पिछले 18 महीनों में)
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6 महीनों में ₹5.5 लाख करोड़+ निवेश प्रस्ताव
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FY 2025 में ₹1,63,749 करोड़ निवेश (देश का 3.71%)
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु इन्वेस्टर्स समिट्स से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की मजबूत रुचि।
सेमीकंडक्टर से ऊर्जा तक—तेज़ मंजूरी
पॉलीमैटेक की सेमीकंडक्टर परियोजना को सिर्फ 3 महीनों में भूमि और एनओसी—
₹1,143 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू।
ऊर्जा क्षेत्र में SJVN सहित कई समझौते—औद्योगिक विविधता और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत।
पारदर्शी शासन, भ्रष्टाचार पर वार
GEM पोर्टल, ई-ऑफिस और सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 ने प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल और जवाबदेह बना दी हैं। नतीजा—निवेशकों का भरोसा मजबूत।
