कैश बुक–वाउचर गायब, तीन साल का हिसाब लापता… अब बढ़ेगी कार्रवाई की आंच?
कबीरधाम। जिले के शिक्षा विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब 218 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का सनसनीखेज खुलासा सामने आया। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग ने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के बाद पूरे शिक्षा महकमे में खलबली मची हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तत्कालीन कार्यालय में पदस्थ वर्ग–2 कर्मचारी माया कसार और योगेंद्र कश्यप को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
📊 ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल
दरअसल, बीते तीन वर्षों (2022 से 2025) के दौरान कोषालय से निकाले गए करीब 218 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि के कैश बुक, वाउचर और बिल रजिस्टर गायब पाए गए हैं, जिससे पूरे लेन-देन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ऑडिट रिपोर्ट सामने आने के बाद तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) संजय जायसवाल पर भी बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं।
🗣️ पूर्व बीईओ का पलटवार: “आरोप निराधार”
पूर्व बीईओ संजय जायसवाल ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में शिक्षकों का वेतन नियमित रूप से भुगतान किया गया और सभी बिल, वाउचर, कैश बुक सहित वित्तीय दस्तावेज उन्होंने 11 दिसंबर 2025 को वर्तमान बीईओ को सौंप दिए थे, जिसकी रसीद उनके पास मौजूद है।
उन्होंने बताया कि उनका कार्यकाल अक्टूबर 2022 से सितंबर 2025 तक रहा। इस दौरान कक्ष प्रभारी योगेंद्र कश्यप को मौखिक और लिखित दोनों रूपों में कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद दस्तावेजों का समुचित संधारण नहीं किया गया, जिससे कई अभिलेख अधूरे रह गए। इस लापरवाही को लेकर कक्ष प्रभारी को नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
🔍 जांच की जद में और नाम?
पूर्व बीईओ का कहना है कि उनके कार्यकाल में किसी भी प्रकार का गबन नहीं हुआ, और हर लेन-देन से जुड़े साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। स्थानांतरण के समय उन्होंने पूरे मामले की जानकारी तत्कालीन अधिकारी को दे दी थी।
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एफ.आर. वर्मा ने ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर जांच में कुछ कमियां सामने आने की बात स्वीकार की है।
👉 अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 218 करोड़ की इस फाइल में और भी बड़े नाम सामने आएंगे? या यह मामला सिर्फ दो निलंबनों तक सीमित रह जाएगा? जवाब आने वाले दिनों में जांच से सामने आएगा…
