नंदिनी नगर का खौफ अब जिला छोड़ने को मजबूर

दुर्ग: जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त एक्शन लिया है। नंदिनी नगर क्षेत्र का कुख्यात गुंडा बदमाश दुष्यंत खोसला अब एक साल तक जिले की सीमा में नजर नहीं आएगा। जिलाधीश दुर्ग ने 8 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर उसे एक वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया है।

इस आदेश के तहत दुष्यंत खोसला को दुर्ग जिले के साथ-साथ राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद और कबीरधाम जिलों की सीमाओं से भी निष्कासित किया गया है। यानी अब इन छह जिलों में उसका कदम रखना भी अपराध की श्रेणी में आएगा।

क्लीनिक की आड़ में फैलाता था दहशत

पुलिस के अनुसार, दुष्यंत खोसला नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अहिवारा में क्लीनिक खोलकर व्यवसाय की आड़ में लोगों को डराने, धमकाने और मारपीट करता था। उसकी गतिविधियों से पूरे इलाके में भय और आतंक का माहौल बन गया था। स्थानीय नागरिकों ने कई बार इसकी शिकायत पुलिस से की थी।

पहले से था पुलिस की रडार पर

दुष्यंत खोसला के खिलाफ थाना नंदिनी नगर में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से जुड़े कुल 05 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन गंभीर मामलों को देखते हुए उसे पहले ही गुंडा बदमाशों की सूची में शामिल किया गया था। बावजूद इसके, उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ और वह लगातार समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा।

जिलाधीश का सख्त आदेश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने जिलाधीश को कठोर कार्रवाई की अनुशंसा भेजी। पुलिस रिपोर्ट पर विचार करने के बाद जिलाधीश दुर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (ख) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक साल का जिलाबदर आदेश पारित कर दिया।

इलाके में राहत की उम्मीद

प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। दुष्यंत खोसला के जिलाबदर होने से नंदिनी नगर और आसपास के क्षेत्रों में आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

दुर्ग पुलिस ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गुंडागर्दी, अवैध गतिविधि और आम लोगों को डराने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।