दुर्ग में विधवा बहू पर ससुराल का अत्याचार, न्यायालय के आदेश पर FIR दर्ज

दुर्ग: पति की मृत्यु के बाद अपनी ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही पूनम वर्मा के लिए न्यायालय ने हस्तक्षेप करते हुए महिला थाना सेक्टर-06, भिलाई में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498A और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है।

पीड़िता पूनम वर्मा ने बताया कि उनके पति अश्वनी वर्मा की 15 अक्टूबर 2018 को मृत्यु के बाद सास शिवकुमारी वर्मा, ससुर विजय वर्मा और देवर सुरेश वर्मा द्वारा उन्हें लगातार टोनही कहकर ताने दिए जाते थे। आरोपियों ने जादू-टोना कर पति की मौत के लिए दोषी ठहराने जैसे गंभीर आरोप लगाए, उनके चरित्र पर लांछन लगाया और अवैध संबंध का आरोप भी लगाया। साथ ही बेटी को भी नहीं दिया और घर से जबरन निकाल दिया।

ससुराल पक्ष ने पूनम से मायके से 5 लाख रुपये लाने की मांग की और पति के नाम पर ग्राम बोड़ में स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को देवर के नाम करने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने इन मांगों को मानने से इंकार किया, तो उसे धमकाया गया और मोबाइल फोन छीन लिया गया। 17 जून 2023 को आरोपियों ने पूनम को जबरन कार में बैठाकर मायके भेजा, जबकि उनकी 8 वर्षीय बेटी काव्या अपने पास रखी।

पीड़िता ने बाद में न्यायालय की मदद से अपनी पुत्री को 20 अक्टूबर 2023 को वापस पाया। पूर्व में महिला थाना में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। न्यायालय द्वारा अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश मिलने के बाद महिला थाना भिलाई ने आरोपियों के खिलाफ विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष रूप से जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।