दुर्ग: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। थाना सुपेला अंतर्गत चौकी स्मृति नगर क्षेत्र में शराब अहाता संचालक और उसके साथियों ने ड्यूटी से लौट रहे एक पुलिस आरक्षक के साथ बेरहमी से मारपीट और लूटपाट की। यह वारदात 15 दिसंबर की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरक्षक मोहम्मद कैफ (23 वर्ष), पिता नासीर खान, निवासी हरिनगर कातुल बोर्ड, दुर्ग, 15 दिसंबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे ड्यूटी के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे प्रथम बटालियन भिलाई गेट के सामने स्थित देशी-अंग्रेजी शराब भट्टी के पास बाथरूम जाने के लिए रुके। यही बात अहाता संचालक करण सिंह और उसके साथियों को नागवार गुज़री।
आरोप है कि अहाता संचालक और उसके साथियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की, फिर देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। करण सिंह ने स्टील के पाइप से, जबकि उसके साथियों ने लकड़ी की बल्लियों से आरक्षक कैफ पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के दौरान आरोपियों ने आरक्षक की जेब में रखे 2500 रुपये भी जबरन लूट लिए।
इस हमले में आरक्षक मोहम्मद कैफ के सिर और बाएं कंधे में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्होंने अपने दोस्तों विनोद सिंह और शेख शुहेल को इसकी जानकारी दी, जो उन्हें तत्काल चौकी स्मृति नगर लेकर पहुंचे। वहां आरक्षक ने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की विवेचना जारी है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बदमाशों ने खाकी पर भी हाथ उठाने से परहेज नहीं किया।
यह घटना न सिर्फ पुलिस पर हमला है, बल्कि कानून को खुली चुनौती भी मानी जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
