पटना। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने के फैसले ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब इस मामले पर जदयू नेता नीरज कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए RJD और लालू परिवार पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।
जदयू नेता बोले — “रोहिणी बेटी है, उसका सम्मान होना चाहिए”
नीरज कुमार ने कहा कि रोहिणी आचार्य एक बेटी हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन इस पूरे विवाद पर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की चुप्पी चिंताजनक है।
उन्होंने कहा—
“रोहिणी आचार्य बेटी है, उसका सम्मान होना चाहिए। हरियाणा वाले जिसे बिहार लाया गया, वह कहां है? रोहिणी मामले में लालू जी और राबड़ी जी चुप क्यों हैं? बिहार की बेटी की आंख से आंसू गिर रहे हैं, यह बिहार के लिए ठीक नहीं है।”
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि “बेटी लक्ष्मी और सरस्वती होती है, उसका सम्मान होना चाहिए।”
जदयू नेता का आरोप है कि लालू प्रसाद यादव को राजनीतिक लोगों ने चारों तरफ से घेर लिया है।
रोहिणी आचार्य ने राजनीति और परिवार से दूरी क्यों बनाई?
सियासी विवाद तब शुरू हुआ जब रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने और परिवार से दूरी बनाने की घोषणा कर दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि संजय यादव और रमीज नेमत खान के दबाव के कारण उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा।
रोहिणी ने कहा—
“सारा दोष मैं खुद पर ले रही हूं।”
यह बयान RJD की चुनावी हार के बाद आया है, जिसमें पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई। हार के बाद RJD के भीतर गुटबाज़ी और दबाव की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
लालू-राबड़ी की चुप्पी पर सवाल
जदयू नेता ने खुले तौर पर पूछा—
“इतनी बड़ी घटना के बाद भी लालू-राबड़ी चुप क्यों हैं? बेटी अगर दबाव में है और परिवार से दूरी बना रही है, तो यह सिर्फ पारिवारिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक चिंता का विषय है।”
RJD पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
रोहिणी के भावुक फैसले और RJD की करारी हार के बाद अब जेडीयू के हमले ने इस विवाद को और भड़का दिया है।
बिहार की राजनीति में यह मामला अभी और सरगर्म होने के संकेत दे रहा है।
