पूर्व कोच दिनेश लाड ने युवा क्रिकेटरों के लिए मदद की अपील की

नई दिल्ली: भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड ने तीन दशकों से अधिक समय तक युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को निखारने में अपने जीवन को समर्पित किया है। अब यह अनुभवी कोच अपने क्रिकेट फाउंडेशन को चलाने के लिए वित्तीय सहायता की अपील कर रहे हैं।

लाड ने आईएएनएस को बताया, “मैं पिछले 30 सालों से मानद कोचिंग दे रहा हूँ और कभी किसी से पैसे नहीं लिए। मेरे छात्र भारत के लिए खेल चुके हैं और विभिन्न राज्य टीमों और मुंबई की टीमों में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। लेकिन अब मुझे फाउंडेशन चलाने के लिए आर्थिक मदद की ज़रूरत है।”

दो साल पहले उन्होंने दिनेश लाड क्रिकेट फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक गैर-लाभकारी पहल है। इसके तहत उन्होंने 22 बच्चों को गोद लिया, जिनमें अधिकांश भारत के ग्रामीण इलाकों से हैं। फाउंडेशन में बच्चों की स्कूली शिक्षा और क्रिकेट कोचिंग पूरी तरह मुफ्त प्रदान की जाती है।

लाड ने बताया कि उनके छात्र रोहित शर्मा और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी भी उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए। लाड कहते हैं, “मैं किसी को क्रिकेटर बनाने का दावा नहीं करता। वे अपनी प्रतिभा के कारण सफल होते हैं। मैं केवल मार्गदर्शन करता हूँ।”

लाड के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा उनके गुरु रमाकांत आचरेकर हैं, जिन्होंने महान सचिन तेंदुलकर को कोचिंग दी थी। अपने गुरु की तरह द्रोणाचार्य पुरस्कार जीतना लाड के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है।

हालाँकि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बावजूद, लाड वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्हें राज्य सरकार से क्रिकेट मैदान तो मिला है, लेकिन उसके किराए और रखरखाव का सारा खर्च स्वयं उठाना पड़ता है।

फाउंडेशन के काम में उनकी पत्नी भी अहम भूमिका निभा रही हैं। लाड ने कहा, “मेरी पत्नी ने हमेशा मेरा साथ दिया और बच्चों की देखभाल में भी मदद की। उनकी वजह से ही मैं यह सब कर पा रहा हूँ।”

लाड का सपना है कि उनकी देखरेख में और भी युवा खिलाड़ी उभरें। उन्होंने कहा, “अगर मुझे आर्थिक मदद मिले, तो मैं और ज्यादा बच्चों को प्रशिक्षित कर सकता हूँ। कौन जाने—अगला रोहित शर्मा या शार्दुल ठाकुर इन्हीं में से कोई हो।”

यह फाउंडेशन न केवल क्रिकेट प्रशिक्षण, बल्कि युवाओं को बेहतर भविष्य देने की दिशा में भी काम कर रहा है।