साइबर ठगी का अँधेरा: म्यूल अकाउंट में छुपा लाखों का रहस्य….3 युवक गिरफ्तार…

दुर्ग: जिले की सुपेला पुलिस और एसीसीयू टीम ने साइबर अपराधियों के अंधेरे खेल का पर्दाफाश करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल कर ऑनलाइन ठगी की रकम अपने खातों में जमा की थी। जांच में पता चला कि इन तीनों के खातों में कुल 6.34 लाख रुपए की ठगी की रकम पहुंच चुकी थी।

म्यूल अकाउंट क्या है?

साइबर ठग म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को छिपाने और ट्रांजेक्शन करने के लिए करते हैं। भोले-भाले लोग या लालच में आने वाले व्यक्ति अपने खाते अपराधियों को दे देते हैं। इसके बाद ठगी की रकम अपराधियों तक पहुँचाई जाती है।

पुलिस की सतर्कता से तीन मामले उजागर

26 सितंबर को समन्वय पोर्टल से म्यूल अकाउंट की जानकारी मिलने पर थाना सुपेला और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।

पहला मामला – 99,794 रुपए
बैंक ऑफ इंडिया शाखा सुपेला के खाता धारक गनेश्वर दास मानिकपुरी (25) को गिरफ्तार किया गया। उसके खाते में 99,794 रुपए साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा थी।

दूसरा मामला – 4,36,200 रुपए
अमनदीप सिंह (19) के खाते में 4,36,200 रुपए जमा पाए गए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

तीसरा मामला – 98,000 रुपए
विवेक अवचट (24) के खाते में 98,000 रुपए ट्रांसफर हुए पाए गए। इस मामले में भी कार्रवाई की गई।

आरोपियों पर दर्ज धाराएं

तीनों के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2), 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

पुलिस का बयान और चेतावनी

दुर्ग पुलिस ने चेताया कि म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करने वाले लोग सीधे साइबर अपराधियों की मदद कर रहे हैं। लालच में आकर बैंक खाता देना भारी पड़ सकता है।

तकनीक की मदद से हुआ खुलासा

समन्वय पोर्टल की मदद से संदिग्ध खातों की पहचान कर तीनों मामलों का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि ऐसी तकनीक साइबर अपराधियों तक पहुँचने और उनके नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।