दुर्ग: पुलिस ने एक बड़े निवेश घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। स्नेहांशु नामदेव और उसकी पत्नी डाली समेत अन्य आरोपियों ने लोगों को शेयर मार्केट में लाभ का लालच देकर करोड़ों की ठगी की। आरोपियों के कब्जे से आलीशान जीवनशैली के सबूत जब्त किए गए।
घटना का पूरा विवरण:
फर्जी कंपनियों के जाल में फंसे निवेशक
दुर्ग जिले में पिछले कुछ महीनों में कई लोग शेयर मार्केट में उच्च लाभ का लालच देकर धोखाधड़ी के शिकार हुए। मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव और उसकी पत्नी डाली नामदेव ने मिलकर दो फर्जी कंपनियां बनाई —
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निशा बिजनेस कंसलटेंट प्राइवेट लिमिटेड (सूर्या मॉल, जुनवानी)
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यूनिक इन्वेस्टमेंट साल्यूशन (सुपेला चौक)
इन कंपनियों के माध्यम से निवेशकों को 20 से 40 प्रतिशत मासिक लाभांश और एक साल में रकम दुगुनी करने का झांसा दिया गया। इसके लिए विभिन्न कंसल्टेंट्स को 10–15 प्रतिशत कमीशन देकर नए निवेशक जोड़ने का काम सौंपा गया।
फर्जी दस्तावेज और नकली आईडी
आरोपीगण ने निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके अलावा मिरर इमेज कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए नकली पासवर्ड और आईडी जारी कर निवेश का आभास कराया गया। व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से निवेशकों को लगातार झांसा दिया गया।
शिकायत से खुला मामला
इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब प्रार्थी करण शर्मा ने चौकी स्मृति नगर थाना सुपेला में लिखित शिकायत दी। उन्होंने बताया कि स्नेहांशु नामदेव और अन्य आरोपियों ने उनसे और उनके साथियों से लगभग 66.47 लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 318(4), 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पूछताछ में पता चला कि आरोपी स्नेहांशु नामदेव ने पत्नी डाली नामदेव और निशा मानिकपुरी को फर्जी डायरेक्टर बनाकर कंपनियां खड़ी कीं।
इन कंपनियों का न तो SEBI में और न ही RBI में पंजीकरण था। असल में, आरोपी केवल रकम की मनी रोलिंग कर रहे थे और निवेशकों से करोड़ों रुपये एकत्र कर उसमें से कुछ हिस्सा लौटाते थे। शेष रकम से वे आलीशान जीवन जी रहे थे।
जब्त संपत्ति और बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य का सामान जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं:
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हार्ले डेविडसन मोटरसाइकिल
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टाटा कर्व कार
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स्कूटी
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सोने-चांदी के जेवरात
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नगदी रकम
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घरेलू सामग्री
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फ्लैट संबंधी दस्तावेज
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बैंक पासबुक और चेकबुक
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कंप्यूटर और लैपटॉप
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महंगे विदेशी मोबाइल फोन (वरटू आदि)
साथ ही निवेश और खर्च से जुड़े रजिस्टर और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
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स्नेहांशु नामदेव (37 वर्ष), निवासी साईविला, जंजगिरी, थाना कुम्हारी
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डाली नामदेव (35 वर्ष), पत्नी स्नेहांशु नामदेव
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निशा मानिकपुरी (26 वर्ष), निवासी विजय नगर, दुर्ग
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धातरी कोसरे (24 वर्ष), निवासी डीपाकेट, मरोदा, भिलाई
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शुभम गुप्ता (25 वर्ष), निवासी कृपाल नगर, कोहका
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया और धोखाधड़ी से जुड़ी संपत्तियों और रकम की जांच जारी रखी है। अनुमान है कि कुल रकम लगभग 12 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
विशेष चेतावनी: पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके दस्तावेज, पंजीयन और वैधता की पूरी तरह जांच करें। लालच में आकर बिना जांच-पड़ताल निवेश करना भारी पड़ सकता है।
