हमें पैसे नहीं, गांव में शांति चाहिए! शराब दुकान पर भड़कीं महिलाएं, कलेक्ट्रेट में जमकर हुआ हंगामा

महतारी वंदन योजना का जिक्र होते ही बढ़ा विवाद, कलेक्टर पर महिलाओं ने लगाया बड़ा आरोप

अंबिकापुर: सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में संचालित अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर विरोध अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और स्थानीय लोग जनदर्शन में पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकान बंद करने की मांग की। लेकिन मामला उस वक्त अचानक गरमा गया, जब महिलाओं ने कलेक्टर पर शराब दुकान और महतारी वंदन योजना को जोड़कर बात करने का आरोप लगा दिया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।दरअसल दरिमा क्षेत्र में खुली अंग्रेजी शराब दुकान का ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि शराब दुकान खुलने के बाद गांव का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन विवाद बढ़ रहे हैं। इसी नाराजगी के बीच बड़ी संख्या में महिलाएं जनदर्शन में पहुंचीं और प्रशासन से दुकान बंद कराने की मांग की।

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि कलेक्टर Ajit Basant से मुलाकात के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने योजना का लाभ मिलने की बात कही, तब कलेक्टर ने कथित तौर पर कहा कि जिस तरह महतारी वंदन योजना सरकार की योजना है, उसी तरह शराब दुकान भी सरकार की नीति के तहत संचालित होती है।बस इसी बात पर महिलाएं भड़क उठीं। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना और शराब दुकान का कोई संबंध नहीं है। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा, “हमें योजना नहीं चाहिए, गांव में शांति चाहिए… शराब दुकान बंद होनी चाहिए।”

विरोध के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में महिलाओं ने जमकर नारेबाजी की। कई महिलाएं भावुक नजर आईं और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा।इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में बढ़ती शराबखोरी को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।