शराब घोटाले की परतों में छुपा बड़ा खेल, जमानत तो मिल गई… लेकिन एक चूक और फिर सीधा जेल!

बिलासपुर। झारखंड शराब घोटाले से जुड़े गंभीर आरोपों के बीच निलंबित IAS अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है, लेकिन यह राहत अपने साथ कई कड़ी शर्तें भी लेकर आई है। जरा सी चूक या जांच में असहयोग उन्हें फिर से जेल के दरवाजे तक पहुंचा सकता है।

मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने टुटेजा की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की दो सॉल्वेंट जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि कोर्ट ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करना अनिवार्य होगा।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि टुटेजा किसी भी गवाह को प्रभावित करने या जांच में बाधा डालने की कोशिश नहीं करेंगे। यदि ऐसा पाया जाता है, तो जांच एजेंसी को यह अधिकार होगा कि वह उनकी अग्रिम जमानत रद्द कराने के लिए सीधे अदालत का रुख कर सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में टुटेजा को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली थी। ऐसे में इस केस में जमानत मिलने के बावजूद उनका फिलहाल जेल से बाहर आना मुश्किल माना जा रहा है।

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने टुटेजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और आईपीसी की धारा 420 व 120B के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर झारखंड में अवैध शराब कारोबार के लिए एक संगठित सिंडिकेट खड़ा किया, जिसने आबकारी नीति में बदलाव कर अपने चहेते ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया और करोड़ों रुपये का अवैध कमीशन हासिल किया।

वहीं टुटेजा ने अपनी याचिका में दावा किया था कि यह मामला उन्हें लगातार जेल में रखने की साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है कि हर बार जमानत मिलने की स्थिति बनते ही एक नई एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, ताकि वे बाहर न आ सकें।

फिलहाल अदालत की इस सशर्त राहत ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है, जहां हर कदम पर नजर रहेगी और छोटी सी चूक भी बड़ी मुसीबत बन सकती है।

 

स्क्रैप व्यापारी के घर लाखों की चोरी: शादी में गया था परिवार, चोरों ने पीछे से गहने-नगद कर दिए पार दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में इन दिनों चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। चोरों ने बिती रात स्क्रैप व्यापारी के सूने मकान में धावा बोलकर सोने-चांदी के जेवरात समेत 1.40 लाख नगद पर हाथ साफ कर दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल शुरु कर दी है। यह पूरा मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है। क्या है पूरा मामला ? दरअसल, स्क्रैप व्यापारी विनय अग्रवाल अपने परिवार के साथ भिलाई के नेहरू नगर पश्चिम में रहते हैं। सोमवार को वे अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने गए थे। तभी चोर मेन गेट का ताला तोड़कर व्यापारी के घर में दाखिल हुए और अलमारी से हीरे, सोने-चांदी के गहने के साथ ही 1 लाख 40 हजार रुपए नगद पार कर लिए। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा व्यापारी जब रात 2 बजे अपने परिवार के साथ वापस लौटा, तो घर का ताला टूटा देख उनके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद टीम ने सीसीटीवी खंगालते हुए आसपास के लोगों से पूछताछ शुरु कर दी है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। नकबजनी और चोरी का मामला दर्ज इस मामले में सत्य प्रकाश तिवारी पुलिस प्रवक्ता दुर्ग का कहना है कि उन्हें स्क्रैप व्यापारी विनय अग्रवाल से सूचना मिली थी कि नेहरू नगर पश्चिम में स्थित उनके घर से किसी ने हीरे, सोने-चांदी के गहने के साथ ही 1 लाख 40 हजार रुपए नगद चोरी कर लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों के खिलाफ नकबजनी के साथ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है।

 

हेडलाइन:
सूना घर बना चोरों का निशाना, ताला टूटा और अलमारी साफ… रात 2 बजे लौटा परिवार तो उड़ गए होश

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शादी में गया था पूरा परिवार, पीछे से लाखों के गहने और नगदी पार… दुर्ग में बढ़ती चोरी ने बढ़ाई दहशत

न्यूज़ आर्टिकल:
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे सूने मकानों को निशाना बनाकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां स्क्रैप व्यापारी के घर में घुसकर चोरों ने लाखों की चोरी कर डाली।

मिली जानकारी के अनुसार, भिलाई के नेहरू नगर पश्चिम निवासी स्क्रैप व्यापारी विनय अग्रवाल अपने परिवार के साथ सोमवार को एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौके का फायदा उठाते हुए घर के मेन गेट का ताला तोड़ दिया और अंदर घुस गए।

चोर सीधे अलमारी तक पहुंचे और वहां रखे हीरे, सोने-चांदी के जेवरात के साथ ही करीब 1 लाख 40 हजार रुपये नगद लेकर फरार हो गए। पूरी वारदात इतनी सफाई से अंजाम दी गई कि आसपास किसी को भनक तक नहीं लगी।

रात करीब 2 बजे जब व्यापारी अपने परिवार के साथ घर लौटा, तो टूटा हुआ ताला देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो अलमारी पूरी तरह खाली थी। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

दुर्ग पुलिस के प्रवक्ता सत्य प्रकाश तिवारी के अनुसार, मामले में नकबजनी और चोरी का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने शहरवासियों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

 

सुकमा पुलिस की बड़ी सफलता, 52 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए सुकमा। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में सुकमा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कुल 52 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मोबाइल छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे सीमावर्ती राज्यों से ट्रेस कर बरामद किए गए हैं। मोबाइल मिलने के बाद उनके मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और उन्होंने पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा और उप पुलिस अधीक्षक मोनिका श्याम के निर्देशन व पर्यवेक्षण में साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई थी। टीम का नेतृत्व साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कश्यप ने किया। टीम ने CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल नंबर और IMEI नंबर ट्रैक कर यह सफलता हासिल की। बरामद मोबाइलों को 5 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में संबंधित मालिकों को सौंपा गया। गौरतलब है कि इससे पहले 6 जनवरी 2026 को भी सुकमा पुलिस ने 112 मोबाइल (करीब 16.50 लाख रुपये कीमत) बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए थे। इस कार्रवाई में साइबर सेल की टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।

 

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गुम हुए मोबाइलों का रहस्य आखिर खुला, 4 राज्यों में फैला नेटवर्क… पुलिस ने एक झटके में 52 फोन कर दिए बरामद

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IMEI ट्रैकिंग से बड़ा खुलासा, महीनों से गायब मोबाइल अचानक लौटे… मालिकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

न्यूज़ आर्टिकल:
सुकमा। गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन को लेकर परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सुकमा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, ये मोबाइल सिर्फ जिले तक सीमित नहीं थे, बल्कि छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे सीमावर्ती राज्यों तक फैले हुए थे। लंबी ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के बाद इन सभी मोबाइलों को खोज निकाला गया।

इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और अभिषेक वर्मा, साथ ही उप पुलिस अधीक्षक मोनिका श्याम के निर्देशन में साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम का नेतृत्व साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कश्यप ने किया।

साइबर टीम ने CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइल नंबर और IMEI नंबर को ट्रैक कर एक-एक फोन की लोकेशन का पता लगाया और उन्हें बरामद किया। 5 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में एक कार्यक्रम के दौरान ये सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंप दिए गए।

अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पुलिस टीम का आभार जताया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी 6 जनवरी 2026 को सुकमा पुलिस ने 112 मोबाइल फोन बरामद कर लौटाए थे, जिनकी कीमत करीब 16.50 लाख रुपये थी। लगातार मिल रही इन सफलताओं से साइबर सेल की कार्यशैली और तकनीकी दक्षता पर भरोसा और मजबूत हुआ है।

 

महिला गार्ड की मौत पर बवाल : अस्पताल में ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा, मुआवजे के लिए सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे परिजन सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला गार्ड की मौत के बाद परिजनों ने इंसाफ की मांग को लेकर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, शहर के मणिपुर थाना क्षेत्र स्थित संकल्प हॉस्पिटल में बीते दो वर्षों से कार्यरत महिला गार्ड की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला जनरेटर में डीजल भर रही थी, इसी दौरान उसकी चुन्नी मशीन में फंस गई, जिससे यह हादसा हो गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इसी के विरोध में परिजन संकल्प हॉस्पिटल के सामने सड़क पर महिला का शव रखकर प्रदर्शन कर रहे। परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते तनाव की स्थिति बन गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मामले में बातचीत जारी है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है।

 

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ड्यूटी पर गई थी जिंदा, लौटी लाश बनकर… मशीन में फंसी चुन्नी और फिर मचा बवाल, सड़क पर रख दिया शव

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अस्पताल में दर्दनाक हादसे के बाद भड़का गुस्सा, 50 लाख मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों का उग्र प्रदर्शन

न्यूज़ आर्टिकल:
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक दिल दहला देने वाली घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला गार्ड की दर्दनाक मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मामला मणिपुर थाना क्षेत्र स्थित संकल्प हॉस्पिटल का है, जहां बीते दो वर्षों से कार्यरत महिला गार्ड की ड्यूटी के दौरान हादसे में जान चली गई। जानकारी के अनुसार, महिला जनरेटर में डीजल भर रही थी, तभी उसकी चुन्नी मशीन में फंस गई। देखते ही देखते यह हादसा इतना भयावह हो गया कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन द्वारा उचित मुआवजा नहीं दिए जाने से भी परिजन आक्रोशित हैं।

इसी के विरोध में परिजनों ने अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वे 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के चलते इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों द्वारा परिजनों को समझाने और मामला शांत कराने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और प्रशासन हालात को नियंत्रण में लेने में जुटा हुआ है।

यह घटना एक बार फिर कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जहां एक छोटी सी चूक ने एक जिंदगी छीन ली और पूरे इलाके को गम और गुस्से में डुबो दिया।

 

सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 34 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी, आरोपी शिक्षक और क्लर्क गिरफ्तार… रायपुर। सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 34 लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर लगभग 1.5 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले आरोपियों को रायपुर ग्रामीण पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी राजेश शर्मा सरकारी शिक्षक हैं, वहीं दूसरा आरोपी मनोज कुमार श्रीवास्तव प्रायवेट स्कूल में क्लर्क है. जानकारी के अनुसार, प्रार्थी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल को राखी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से 5 मार्च का एक फर्जी आदेश निकाला गया, जिसमें परिवहन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग में अभ्यर्थियों की नियुक्ति संबंधी अनुशंसा दर्शायी गई थी. इसे सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित किया जा रहा है. आदेश में सचिव एवं उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया था. साथ ही उक्त फर्जी आदेश के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे अनाधिकृत रूप से धन की मांग एवं वसूली की जा रही है. प्रार्थी की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना राखी में अपराध क्रमांक 76/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया. प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तथा नगर पुलिस अधीक्षक नवा रायपुर के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का संकलन करते हुए तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (व्हाट्सएप) के माध्यम से प्रसारित फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाते हुए अज्ञात आरोपी की पहचान राजेश शर्मा उर्फ राजू के रूप में की गई, वहीं उसकी उपस्थिति डोंगरगढ़ में पाई गई. टीम ने डोंगरगढ़ पहुंचकर आरोपी राजेश शर्मा को पकड़कर पूछताछ की. आरोपी ने बताया कि कर्ज चुकाने के लिए पैसा हासिल करने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की योजना बनाई. इस योजना में उसने अपने साथी मनोज कुमार श्रीवास्तव को भी शामिल किया. योजना के तहत दोनों आरोपियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के नाम से कंप्यूटर में फर्जी नियुक्ति आदेश तैयार किया, जिसे राजेश शर्मा ने अपने मोबाइल के जरिए व्हाट्सएप पर प्रसारित कर कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई निवासी एक महिला से नौकरी लगाने के नाम पर 1,90,000 रुपए की राशि ली थी, जिसे बाद में वापस कर दिया गया. शिकायत सामने आने के बाद आरोपी ने फर्जी आदेश को आगे प्रसारित करना बंद कर दिया. दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कंप्यूटर एवं प्रिंटर जब्त कर उनके विरूद्ध प्रकरण में धारा 319(2), 336(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता एवं 66(डी) आईटी एक्ट की धाराएं जोड़कर कार्रवाई की गई.

 

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WhatsApp पर आया सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी आदेश से रचा खौफनाक खेल… 34 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

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डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर बांटे फर्जी नियुक्ति पत्र, शिक्षक और क्लर्क निकले मास्टरमाइंड

न्यूज़ आर्टिकल:
रायपुर। सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लोगों को ठगने का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो आरोपियों ने मिलकर ऐसा जाल बिछाया कि 34 लोग उनकी ठगी का शिकार हो गए। इस पूरे खेल में फर्जी नियुक्ति पत्र, डिजिटल सिग्नेचर और व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए।

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजेश शर्मा, जो कि एक सरकारी शिक्षक है, और मनोज कुमार श्रीवास्तव, जो एक प्राइवेट स्कूल में क्लर्क है, शामिल हैं। दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया।

मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल को राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, 5 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से एक फर्जी आदेश तैयार किया गया, जिसमें परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और शिक्षा विभाग में भर्ती की अनुशंसा दिखाई गई थी। इस आदेश को व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैलाया गया।

चौंकाने वाली बात यह थी कि इस फर्जी दस्तावेज में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया, जिससे यह पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था। इसी के जरिए आरोपियों ने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाते हुए मुख्य आरोपी राजेश शर्मा उर्फ राजू की पहचान की गई, जिसकी लोकेशन डोंगरगढ़ में मिली। टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने कर्ज चुकाने के लिए यह साजिश रची थी और अपने साथी मनोज को भी इसमें शामिल किया। दोनों ने कंप्यूटर की मदद से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और व्हाट्सएप के जरिए उन्हें फैलाकर लोगों को ठगते रहे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने फर्जी आदेश का प्रसार रोक दिया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त कर लिया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर फैल रहे ऐसे फर्जीवाड़े से सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक क्लिक और एक मैसेज किसी की जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकता है।

 

मुख्यमंत्री के सुशासन संकल्प से आ रहा बदलाव: कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब, 314 में से 266 आवेदनों का ऑन द स्पॉट फैसला रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘सुशासन तिहार’ अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 01 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित ‘समाधान शिविर’ में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। “जनता को मिले तुरंत राहत”- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गांव पहुंच रहे हैं, जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ​शिविर की बड़ी बातें: जनसेवा का महाकुंभ कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि ‘साय सरकार’ के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।

 

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गांव में लगा शिविर या चमत्कार? 314 शिकायतें पहुंचीं और घंटों में सैकड़ों का निपटारा… बदलती तस्वीर ने सबको चौंकाया

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सुशासन तिहार में प्रशासन खुद पहुंचा ग्रामीणों के बीच, मौके पर ही सैकड़ों समस्याओं का समाधान

न्यूज़ आर्टिकल:
रायपुर। छत्तीसगढ़ में चल रहा ‘सुशासन तिहार’ अब सिर्फ एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव की तस्वीर बनता नजर आ रहा है। धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में जो हुआ, उसने ग्रामीणों को हैरान भी किया और राहत भी दी।

इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदन जमा हुए, जिनमें से 266 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। इतनी तेजी से हुए समाधान ने लोगों को यह अहसास दिलाया कि अब शिकायतें सिर्फ फाइलों में नहीं दब रहीं, बल्कि जमीन पर हल हो रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शुरू किए गए इस अभियान का मकसद साफ है—जनता को उनके गांव में ही त्वरित राहत मिले। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हर आवेदन का पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाए और जो समस्याएं मौके पर हल नहीं हो पातीं, उन्हें तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।

कुकरेल शिविर में दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा समेत 17 ग्राम पंचायतों के लोग पहुंचे थे। इनमें ज्यादातर आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े थे। जल संसाधन, स्वास्थ्य, राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉलों पर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई और कई हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ भी मिला।

इस पहल का सबसे बड़ा असर यह दिखा कि अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए तहसील या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। प्रशासन खुद उनके दरवाजे तक पहुंच रहा है।

ग्रामीणों ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ लेना पहले से आसान और तेज हो गया है। सुशासन तिहार के जरिए सरकार और जनता के बीच की दूरी भी कम होती दिख रही है।

यह अभियान 10 जून तक जारी रहेगा और जिले के अलग-अलग इलाकों में ऐसे ही शिविर लगाए जाएंगे, ताकि हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके और समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

 

CG Police Transfer: रायपुर कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल, SI, एएसआई और हेड कांस्टेबल समेत 136 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, देखें लिस्ट रायपुर। रायपुर कमिश्नरेट में बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने कुल 136 पुलिसकर्मियों के तबादले का आदेश जारी करते हुए नामों की सूची भी प्रकाशित की है। इनमें 2 एसआई, 16 एएसआई तथा 118 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वर्तमान थानों से हटाकर नए थानों और इकाइयों में पदस्थ किया गया है। देखें आदेश और नामों की लिस्ट

 

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अचानक बदले 136 पुलिसकर्मियों के ठिकाने, कमिश्नरेट में बड़ा खेल… किसे कहां भेजा गया, जानकर चौंक जाएंगे

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एक आदेश में SI, ASI से लेकर हेड कांस्टेबल तक का ट्रांसफर, रायपुर पुलिस महकमे में मचा हलचल

न्यूज़ आर्टिकल:
रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने पूरे महकमे में हलचल मचा दी है। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला द्वारा जारी आदेश में एक साथ 136 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए गए हैं, जिससे कई थानों और इकाइयों की तस्वीर बदल गई है।

जारी सूची के अनुसार, इस ट्रांसफर में 2 सब-इंस्पेक्टर (SI), 16 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और 118 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल हैं। इस बड़े पैमाने पर हुए बदलाव को लेकर पुलिस विभाग के भीतर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

आदेश के तहत कई पुलिसकर्मियों को उनके मौजूदा थानों से हटाकर नए थानों और विशेष इकाइयों में पदस्थ किया गया है। माना जा रहा है कि यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

अचानक हुए इस बड़े बदलाव से पुलिस महकमे में नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों का दौर शुरू हो गया है। जिन कर्मियों का तबादला हुआ है, उन्हें जल्द ही नई जगह पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल जारी सूची में सभी तबादला किए गए पुलिसकर्मियों के नाम और उनकी नई पदस्थापना का विवरण शामिल है, जिसे लेकर विभाग के भीतर लगातार चर्चा बनी हुई है।

 

तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर जंगली सूअर ने किया हमला, 5 की हालत गंभीर, इलाज जारी डोंगरगढ़: छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ के कोहलाकसा जंगल में उस वक्त चीख पुकार मच गई, जब तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर जंगली सूअर ने हमला कर दिया। इस हमले में 5 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई है, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी घायल महिलाओं को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है। इस घटना से आसपास के गांव में दहशत का माहौल है। तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर जंगली सूअर का हमला जानकारी के मुताबिक, चिचोला, मूंगलानी और नारायणगढ़ गांव की 10 महिलाएं तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए एलबी नगर क्षेत्र के कोहलाकसा जंगल में गई थी, तभी अचानक उनपर जंगली सुअर ने हमला कर दिया। सूअर का हमला इतना घातक था कि 5 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। एक महिला की हालत बेहद नाजुक वहीं जंगली सुअर के हमले में कोलहाकसा गांव की रहने वाली फूलबाई साहू की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। फूलबाई के सीने और हाथ में गंभीर चोट आई है। फिलहाल सभी घायल महिलाओं को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से की मांग तेंदूपत्ता सीजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगल की ओर जाते हैं। इस बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है। फिलहाल वन विभाग की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

 

हेडलाइन:
जंगल में घात लगाकर बैठा था मौत का साया, तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर अचानक टूटा जंगली सूअर का कहर

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चीख-पुकार से गूंजा जंगल, 5 महिलाएं गंभीर घायल… एक की हालत नाजुक, गांवों में फैली दहशत

न्यूज़ आर्टिकल:
डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ क्षेत्र के कोहलाकसा जंगल में उस वक्त खौफनाक मंजर बन गया, जब तेंदूपत्ता तोड़ने गई महिलाओं पर अचानक जंगली सूअर ने हमला कर दिया। देखते ही देखते शांत जंगल चीख-पुकार से गूंज उठा और कई महिलाएं लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

जानकारी के मुताबिक, चिचोला, मूंगलानी और नारायणगढ़ गांव की करीब 10 महिलाएं एलबी नगर क्षेत्र के कोहलाकसा जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली सूअर ने अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज और खतरनाक था कि 5 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घटना में कोलहाकसा गांव की रहने वाली फूलबाई साहू की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। उसके सीने और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। बाकी घायल महिलाओं को भी गंभीर चोटें पहुंची हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव रेफर किया गया है।

इस घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन में बड़ी संख्या में लोग रोज जंगल जाते हैं, ऐसे में इस तरह के हमले से उनकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि जंगल में गश्त बढ़ाई जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

 

छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस में नई नियुक्ति, ये दिग्गज नेत्री बनीं प्रभारी अध्यक्ष, AICC ने जारी किया आदेश रायपुर: CG Mahila Congress Sangeeta Sinha: छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस ने महिला संगठन में अहम नियुक्ति करते हुए विधायक संगीता सिंहा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। इस संबंध में अखिल ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। CG Mahila Congress Sangeeta Sinha: पिछले कुछ समय से महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इस दौड़ में पूर्व विधायक चन्नी साहू का नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहा था, लेकिन आखिरकार पार्टी नेतृत्व ने संगीता सिंहा पर भरोसा जताया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलों देवी नेताम हाल ही में एक बार फिर राज्यसभा सदस्य चुनी गई हैं। उनके संसद जाने के बाद संगठन में नई जिम्मेदारियों को लेकर बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।

 

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कांग्रेस में अचानक बदला समीकरण, किसे मिली बड़ी जिम्मेदारी… आखिरी वक्त पर पलटी बाजी

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लंबे इंतजार के बाद महिला कांग्रेस में नई नियुक्ति, चर्चाओं के बीच संगीता सिंहा बनीं कार्यकारी अध्यक्ष

न्यूज़ आर्टिकल:
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। महिला कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर जारी सस्पेंस के बीच पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए विधायक संगीता सिंहा को छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इस संबंध में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस (AICC) की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही महिला कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं और कयासों का दौर भी थम गया है।

दरअसल, पिछले कुछ समय से इस पद को लेकर कई नाम चर्चा में थे। इनमें पूर्व विधायक चन्नी साहू का नाम भी प्रमुख रूप से लिया जा रहा था, जिससे राजनीतिक हलकों में कयास और तेज हो गए थे। हालांकि, अंतिम समय में पार्टी नेतृत्व ने संगीता सिंहा पर भरोसा जताते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंप दी।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलों देवी नेताम हाल ही में राज्यसभा सदस्य चुनी गई हैं। उनके संसद जाने के बाद संगठन में नए नेतृत्व और जिम्मेदारियों को लेकर बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।

ऐसे में यह नियुक्ति न सिर्फ संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, बल्कि आने वाले समय में महिला कांग्रेस की रणनीति और सक्रियता को भी नया आयाम दे सकती है।

 

BJP Won West Bengal: पश्चिम बंगाल में लहराया भगवा तो गदगद दिखे सीएम साय! कहा- TMC की निरंकुश सरकार से जनता को मिलेगी निजात, सुनिए और क्या कहा? रायपुरः BJP Won West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे सोमवार 4 मई को घोषित किए जाएंगे। राज्य की 294 सीटों में से 293 सीटों पर हुई वोटिंग की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों से संकेत मिल रहा है कि सूबे में बड़ा उलटफेर होने वाला है। यहां भाजपा 192 और टीएमसी 92 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा असम और पुडुचेरी में भी भाजपा सरकार बनती दिख रही है। इन परिणामों को लेकर अब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का बयान सामने आया है। BJP Won West Bengal: उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की निरंकुश सरकार से जनता को जल्द निजात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री साय ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में रुझान आ रहे हैं, जो पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने इसे राज्य में बदलाव की लहर बताया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि असम और पुडुचेरी में भी भाजपा सरकार बनाने जा रही है।

 

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बंगाल में बदलती हवा या बड़ा सियासी भूचाल? रुझानों ने बढ़ाई हलचल, CM साय के बयान से और तेज हुई चर्चा

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शुरुआती आंकड़ों में बड़ा उलटफेर, भाजपा आगे… TMC पर साधा निशाना, बोले—जनता को मिलेगी राहत

न्यूज़ आर्टिकल:
रायपुर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले ही सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। रुझानों में आ रहे आंकड़ों ने ऐसा संकेत दिया है, जिससे बड़े राजनीतिक बदलाव की आहट सुनाई देने लगी है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान सामने आया है, जिसने इस सियासी माहौल को और गरमा दिया है।

राज्य की 294 सीटों में से 293 सीटों पर हुई वोटिंग की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को बढ़त मिलती दिख रही है। आंकड़ों के अनुसार भाजपा करीब 192 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस लगभग 92 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है। इन संकेतों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

इन रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब तृणमूल कांग्रेस की निरंकुश सरकार से जल्द ही राहत पाने जा रही है। उन्होंने इसे बदलाव की लहर बताते हुए कहा कि राज्य में लोग परिवर्तन चाहते हैं और यही कारण है कि भाजपा के पक्ष में माहौल बनता नजर आ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने आगे दावा किया कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं, बल्कि असम और पुडुचेरी में भी भाजपा सरकार बनती दिखाई दे रही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है, क्योंकि नतीजों से पहले ही जीत-हार को लेकर दावे और प्रतिदावे तेज हो गए हैं।

फिलहाल सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या वाकई बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगा या फिर यह सिर्फ शुरुआती रुझानों का खेल है।