छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से पुलिस भर्ती को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए हजारों अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है।
⚖️ क्या है हाईकोर्ट का बड़ा आदेश?
जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि चयनित अभ्यर्थियों की जॉइनिंग के बाद जो पद खाली रह जाएं, उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के उम्मीदवारों से भरा जाए।
कोर्ट ने साफ कहा कि सभी विज्ञापित पद केवल एक ही चयन सूची से भर पाना संभव नहीं है।
😨 कैसे बनी ये स्थिति?
दरअसल, 2024 में पुलिस विभाग ने करीब 5,967 पदों पर भर्ती निकाली थी।
याचिका में बताया गया कि कई अभ्यर्थियों ने एक से ज्यादा जिलों में आवेदन किया और मेरिट में आने के बाद कई चयन सूचियों में शामिल हो गए।
ऐसे में जब कोई उम्मीदवार एक जिले में जॉइन करेगा, तो बाकी जिलों के पद खाली रह जाएंगे—यही विवाद की बड़ी वजह बना।
📊 चयन सूची में भी अंतर
सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि 5,948 अभ्यर्थियों के नाम चयन सूची में प्रकाशित किए गए हैं, लेकिन डुप्लिकेट चयन के कारण कई सीटें खाली रह सकती हैं।
🔥 अब वेटिंग लिस्ट वालों की बारी!
हाईकोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि:
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जॉइनिंग के बाद बची सीटें तुरंत भरी जाएं
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वेटिंग लिस्ट के उम्मीदवारों को मौका दिया जाए
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पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो
🤔 क्या बदलेगा अब?
इस फैसले के बाद हजारों वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं।
