मुंगेली। मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ एक सहायक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल आने की शिकायतें आखिरकार सही साबित हो गईं। ग्रामीणों की शिकायत पर जब शिक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण किया तो शिक्षक नशे की हालत में मिला। मेडिकल जांच में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया।
मामला पथरिया विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सोनपुरी का है, जहां पदस्थ सहायक शिक्षक (एलबी) महाजन राम जाटवर के खिलाफ ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि शिक्षक कई दिनों से अनियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और अक्सर शराब के नशे में बच्चों को पढ़ाने पहुंचते हैं। कई बार समझाने के बावजूद उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
ग्रामीणों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को लिखित आवेदन देकर शिक्षक को हटाने की मांग की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए BEO ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षक नशे की हालत में मिला, जिसके बाद उसका तत्काल शासकीय मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
बताया जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए अधिकारियों और ग्रामीणों से माफी भी मांगी। इस दौरान का वीडियो और फोटो भी सामने आया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी एलपी डाहिरे ने महाजन राम जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया है कि शिक्षक का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं उपनियम-23 का उल्लंघन है और यह घोर अनुशासनहीनता एवं कदाचार की श्रेणी में आता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, पथरिया कार्यालय निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत जताते हुए कहा कि वे लंबे समय से शिक्षक के व्यवहार से परेशान थे। कई बार मौखिक शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ था। सामूहिक आवेदन के बाद जांच हुई और अब कार्रवाई होने से गांव के लोगों का शिक्षा विभाग पर भरोसा बढ़ा है।
शिक्षा विभाग का सख्त संदेश
जिला शिक्षा अधिकारी की इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग का कड़ा संदेश माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में शराब के नशे में ड्यूटी करना, अनुशासनहीनता और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय जांच भी आगे बढ़ेगी और नियमानुसार शिक्षक के खिलाफ विस्तृत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
