रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में गुरुवार को गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान, दुग्ध उत्पादन और पशु प्रजनन नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई। इस दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में दुग्ध उत्पादन की स्थिति को लेकर सरकार से कई सवाल किए।
अजय चंद्राकर ने सदन में कहा कि दुग्ध उत्पादन के मामले में राज्य अभी भी आत्मनिर्भर नहीं है और इस क्षेत्र की स्थिति काफी चिंताजनक है। उन्होंने मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, कृत्रिम गर्भाधान नीति और टीकाकरण व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी उठाए।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार आपकी है, लेकिन काम नहीं हो पा रहा और आरोप विपक्ष पर लगाए जा रहे हैं। सदन में इस मुद्दे को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने भी गांवों में बछिया की स्थिति और कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था का मुद्दा उठाया। वहीं भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और उसके क्रियान्वयन की प्रगति पर सवाल खड़े किए।
जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पशुधन सुधार के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सदन में इस दौरान 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें कानून-व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
