CG BREAKING: जंगल की ज़मीन में दबी थी मौत! नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, IED बम बरामद

दंतेवाड़ा।दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुफा के दुर्गम और घने जंगलों में नक्सलियों की एक खौफनाक साजिश को सुरक्षा बलों ने समय रहते नाकाम कर दिया। नक्सल विरोधी अभियान के तहत संयुक्त सुरक्षा बलों ने जमीन में दफन किए गए आईईडी विस्फोटक डंप को बरामद कर मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़े नक्सली हमले का खतरा टल गया है।

यह संयुक्त अभियान Young Platoon/195 वाहिनी सीआरपीएफसीआरपीएफ की बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और थाना बारसूर पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया। यह कार्रवाई पोलसेंट सीजी सेक्टर, सीआरपीएफ से प्राप्त सटीक और विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें माओवादियों द्वारा ग्राम गुफा के वन क्षेत्र में आईईडी बिछाए जाने की जानकारी मिली थी।

पहाड़ी जंगल में सुबह-सुबह ऑपरेशन

पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 27 जनवरी 2026 की सुबह करीब 6 बजे ग्राम गुफा और आसपास के पहाड़ी वन क्षेत्र में व्यापक डी-माइनिंग सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

इस संयुक्त अभियान में सहायक कमांडेंट हिमांशु के नेतृत्व में Young Platoon/195 बटालियन, सीआरपीएफ की बम डिस्पोजल टीम और थाना बारसूर की सिविल पुलिस शामिल रही, जबकि अभियान का समग्र नेतृत्व अनिल कुमार सिंह, कमांडेंट, 195 बटालियन द्वारा किया गया।

जमीन में छिपी थी तबाही

सघन तलाशी और तकनीकी जांच के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा रणनीतिक रूप से छिपाकर रखे गए विस्फोटक डंप को चिन्हित किया। तलाशी में मौके से

  • एक डायरेक्शनल पाइप बम (डेटोनेटर सहित, वजन लगभग 5 किलोग्राम)

  • एक प्रेशर कुकर आईईडी, करीब 15 मीटर वायर के साथ (वजन लगभग 5 किलोग्राम)
    बरामद किया गया।

प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों की गश्त पर हमला करने और जवानों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना था।

समय रहते टली बड़ी अनहोनी

बरामद सभी विस्फोटकों को सीआरपीएफ की BDDS टीम द्वारा निर्धारित SOP के अनुसार मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। इस सफल कार्रवाई से न केवल सुरक्षा बलों बल्कि आसपास के ग्रामीणों और आम नागरिकों की जान-माल की संभावित भारी क्षति को समय रहते टाल दिया गया।

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में आईईडी का इस्तेमाल माओवादियों की आम रणनीति है, जिसका मकसद सुरक्षा बलों की गतिविधियों और विकास कार्यों को बाधित करना होता है। ऐसे में यह कार्रवाई नक्सलियों की मंशा पर करारा प्रहार है।

इलाके में सुरक्षा और कड़ी

इस सफलता के बाद बारसूर थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। जिले में आगे भी नक्सल विरोधी सर्चिंग और डी-माइनिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे।