झारखंड: 10 फरवरी 2026 के बाद झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस प्रशासनिक कवायद का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा करना और 2003 की सूची के आधार पर 2024 की वर्तमान सूची में मौजूद फर्जी, मृत या दोहरे मतदाताओं को हटाना है।
राज्य चुनाव आयोग की टीम 8 जनवरी को झारखंड का दौरा कर SIR की तैयारियों का जायजा लेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2003 की मतदाता सूची के आधार पर लगभग 78% मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 12 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य चुनाव कार्यालय के मुताबिक, झारखंड में इस समय लगभग 2.65 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर हैं और राज्य में करीब 30,000 पोलिंग बूथ हैं। प्रत्येक बूथ की 2024 की वोटर सूची को BLOs द्वारा 2003 की सूची से मिलाना होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह काम बूथ लेवल अधिकारियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। कई बूढ़े मतदाता 2024 की सूची में हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड 2003 की सूची से गायब है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया जटिल हो रही है।
SIR प्रक्रिया के दौरान गलत दस्तावेज देने वाले मतदाताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक मतदाता के लिए घर-घर जाकर गणन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। इस तैयारी का लक्ष्य झारखंड की वोटर लिस्ट को पूरी तरह वैध और पारदर्शी बनाना है।
