दूषित पानी अब नहीं जाएगा शिवनाथ नदी में

भिलाई निगम का बड़ा निर्णय, कचांदुर में 189 करोड़ की लागत से बनेगा 150 MLD का आधुनिक एसटीपी

भिलाईनगर: शिवनाथ नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए भिलाई नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। अब कोसा नगर नाला, तेलहा नाला सहित अन्य छोटे नालों से बहने वाला दूषित पानी सीधे नदी में नहीं छोड़ा जाएगा। इसके लिए निगम ने कचांदुर में आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

इस परियोजना पर कुल 189 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि एसटीपी के निर्माण और संचालन कार्य के लिए 145 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह संयंत्र 150 एमएलडी क्षमता का होगा, जिसकी देखरेख आने वाले 15 वर्षों तक पुणे की एक एजेंसी करेगी। प्लांट के लिए 14 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जहाँ तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है।

दूषित पानी होगा पूर्ण रूप से उपचारित

कोसा नगर नाला और अन्य नालों में घरों, होटलों, उद्योगों और विभिन्न प्रतिष्ठानों का अपशिष्ट जल लगातार पहुंचता है। नया एसटीपी इन सभी स्रोतों से मिलने वाले सीवरेज और दूषित पानी को शुद्ध करके उसे पूरी तरह सुरक्षित बनाएगा।

प्रबंधन की योजना के अनुसार, उपचारित पानी का उपयोग—

  • सिंचाई विभाग,

  • औद्योगिक क्षेत्रों के विभिन्न यूनिटों

को देने के लिए किया जाएगा, जिससे पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और नदी प्रदूषण भी रोका जा सकेगा।

निगम का यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।