अबूझमाड़ में गूँजी JCB की गर्जना! क्रेन से ढहाया गया नक्सल स्मारक—जंगल के अंदर छिपा था बड़ा राज…

अबूझमाड़ में गूँजी JCB की गर्जना! क्रेन से ढहाया गया नक्सल स्मारक—जंगल के अंदर छिपा था बड़ा राज…

क्रेन–JCB से नक्सल स्मारक ध्वस्त, नारायणपुर में फोर्स को मिली बड़ी सफलता

नारायणपुर। नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के घने जंगलों में मंगलवार सुबह सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की। एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान जवानों ने डोडीमरका क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बनाया गया स्मारक क्रेन और JCB की मदद से ध्वस्त कर दिया। यह स्मारक नक्सलियों ने अपने तीन कामरेड—अनिल दादा, अजित दादा और वारुना दादा—की याद में महाराष्ट्र बॉर्डर से सटे धोबे लंका मार्ग पर बनाया था।

जंगल में छिपे ‘नक्सल प्रतीक’ अब तेजी से हटाए जा रहे

अबूझमाड़ के भीतरी हिस्सों में पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा बल लगातार नक्सल स्मारकों की पहचान कर रहे हैं और कार्रवाई भी तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार—
✔ अब तक सैकड़ों नक्सली स्मारक ढहाए जा चुके हैं
✔ यह अभियान अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है
✔ कई स्थानों पर नए पुलिस कैंपों की स्थापना की जा रही है

सुरक्षाबलों का मानना है कि नक्सलियों की वैचारिक पकड़ कमजोर करने और ग्रामीणों में उनका प्रभाव घटाने के लिए ऐसे प्रतीकों का हटाया जाना बेहद जरूरी है।

अंतिम मोर्चे तक ले जाया जा रहा नक्सल विरोधी अभियान

नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे संयुक्त ऑपरेशन से नक्सली गतिविधियों पर बड़ी रोक लग रही है। अबूझमाड़ जैसे कठिन इलाकों में पुलिस कैंपों की स्थापना नक्सलियों की अंतिम पकड़ को भी खत्म करने का प्रयास है।