छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर काले झंडे दिखाने पर प्रदर्शनकारी गिरफ्तार, बोले- लोकतंत्र की आवाज़ दबाई जा रही है

रायपुर: छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में विरोध प्रदर्शन के चलते एक व्यक्ति और उनके साथियों को गिरफ्तार किया गया। प्रदर्शनकारी ने बताया कि उन्होंने काले कपड़े पहनकर मिनी माता के नाम पर शांति से विरोध करना चाहा था, लेकिन सुरक्षा कारणों के हवाले से उन्हें रोक दिया गया।

प्रदर्शनकारी का कहना है कि लगभग 30 पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए मौजूद थे। उनका दावा है कि पुलिस ने बताया कि “काले कपड़े पहनना प्रतिबंधित है”। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने पुलिस को मिठाई खिलाकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति का संदेश देने की कोशिश की।

विरोध करने वाले का कहना है कि इतिहास को मिटाने और लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने का यह प्रयास चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता देख रही है, और जो ताकत विरोध से डरती है, वह इतिहास नहीं बना सकती।

इस घटना के चलते सामाजिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध की सीमाओं का सम्मान किया जा रहा है।