रायपुर: दस दिनों के धार्मिक उत्सव शारदीय नवरात्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। शहर के प्रमुख मंदिरों में भव्य तैयारियां और साफ-सफाई जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं बाजार भी सज गए हैं। रेती, घंटाघर और गोलघर जैसे मार्केटों में नवरात्रि की दुकानों पर महिलाओं की खरीदारी का रेला शुरू हो गया है।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त:
गोरखनाथ मंदिर संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल के अनुसार नवरात्र के प्रथम दिन सुबह 06:01 बजे से शाम 06:00 बजे तक कलश स्थापना की जा सकती है। प्रथम दिन में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग नहीं होने के कारण कोई बाधा नहीं है।
नवरात्रि और प्रमुख तिथियां:
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महासप्तमी: 29 सितंबर (सोमवार)
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चतुर्थी तिथि पूजा: 25-26 सितंबर, मां कुष्मांडा
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महाष्टमी व्रत: 30 सितंबर (मंगलवार)
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महा नवमी: 1 अक्टूबर (बुधवार), हवन और कन्या पूजन
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विजयादशी: 2 अक्टूबर
भव्य तैयारियां और उत्साह:
शहर के प्रमुख मंदिरों में रंग-रोगन और सजावट का काम तेजी से चल रहा है। पंडालों में मां दुर्गा की भव्य मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। मंदिर प्रबंधन द्वारा विशेष पूजा-अर्चना और भंडार की व्यवस्था की जा रही है, जबकि प्रशासन सुरक्षा और सुविधा के लिए अलर्ट मोड पर है।
थीम बेस्ड ड्रेसेज की मांग:
नवरात्रि के नौ दिनों के लिए नौ रंगों के आधार पर ड्रेसेज की डिमांड बढ़ी है। गरबा और डांडिया नाइट्स के लिए गुजराती स्टाइल के घाघरा-चोली और लहंगे बाजार में हावी हैं।
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पहले दिन मां शैलपुत्री के लिए लाल और गुलाबी रंग के लहंगे
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चौथे दिन मां कुष्मांडा के लिए हरे रंग की साड़ियां और क्रॉप टॉप सेट्स
कीमतें: हैंडलूम घाघरा-चोली ₹1,500 से ₹6,000, डिजाइनर लहंगे ₹10,000 तक।
इस बार नवरात्रि न केवल धार्मिक उत्सव बल्कि फैशन और थीम बेस्ड ड्रेसेज का मेला भी साबित हो रहा है, जिसमें भक्त और युवा दोनों ही उत्साह के साथ शामिल होंगे।
