बिलासपुर:- न्यायधानी बिलासपुर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के उच्च अधिकारी इससे अनभिज्ञ प्रतीत होते हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान हेतु शहर के जागरूक नागरिकों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए हैं:-
1. भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चार व तीन पहिया वाहनों पर प्रतिबंध-
बाजारों व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में चार पहिया और तीन पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इन क्षेत्रों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके।
2. ऑटो-रिक्शा और बसों के लिए नियमन-
ऑटो और बसों के लिए स्टॉप तय किए जाएं। अनावश्यक रूप से जाम उत्पन्न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। नियमों की बार-बार अवहेलना करने वालों के वाहनों को जब्त किया जाए। चालकों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाए, और वाहनों पर किराया सूची स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए। रायपुर की तर्ज पर ऑटो रिक्शाओं को क्षेत्रवार अनुमति दी जाए तथा उनकी पहचान के लिए उन्हें भिन्न-भिन्न रंगों में रंगा जाए।
3. स्कूल, कॉलेज व कार्यालय समय में भारी वाहनों पर प्रतिबंध-
स्कूल, कॉलेज और कार्यालय समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
4. भारी वाहनों पर रेडियम पट्टी एवं संकेतक अनिवार्य-
भारी वाहनों पर रेडियम पट्टी अनिवार्य रूप से लगवाई जाए तथा उनके इंडिकेटर्स को सुचारू किया जाए, ताकि रात्रि में दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
5. “ट्रैफिक प्रहरी” योजना की शुरुआत-
शहर के जागरूक नागरिकों को “ट्रैफिक प्रहरी” बनाकर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए और प्रमुख चौक-चौराहों पर उनकी तैनाती की जाए।
6. पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करना-
निर्धारित पार्किंग स्थलों की जानकारी नागरिकों को दी जाए। मल्टी-लेवल पार्किंग में वाहनों की निःशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की जाए। नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों पर कठोर जुर्माना लगाया जाए।
7. बंद ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत और “ट्रैफिक प्रहरी” की तैनाती-
सभी खराब ट्रैफिक सिग्नलों को शीघ्र मरम्मत कर चालू किया जाए। साथ ही, प्रत्येक सिग्नल पर ट्रैफिक प्रहरी की तैनाती की जाए जो नियम उल्लंघनकर्ताओं पर तत्काल चालान करें।
8. बाइक पेट्रोलिंग शुरू की जाए-
शहर के प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा बाइक पेट्रोलिंग की शुरुआत की जाए, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था नियमित रूप से नियंत्रित की जा सके और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
9. यातायात सहायता केंद्रों को पुनः शुरू किया जाए-
पहले से बंद किए गए ट्रैफिक सहायता केंद्रों को फिर से शुरू किया जाए, जिससे ट्रैफिक से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
10. आवारा मवेशियों पर नियंत्रण-
सड़क पर विचरण करने वाले मवेशियों की वजह से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु उनके गले में रेडियम बेल्ट बांधा जाए। साथ ही, मवेशियों के मालिक का नाम, पता व मोबाइल नंबर अंकित किया जाए ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। ऐसे मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
