खेल-खेल में निगल लिया सिक्का, गले में फंसते ही बिगड़ी मासूम की हालत… सिम्स के डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी तत्परता और कुशलता से एक 6 वर्षीय मासूम की जान बचा ली। खेलते समय बच्चे ने गलती से एक सिक्का निगल लिया, जो उसकी अन्ननली में फंस गया था। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कर सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है।

खेलते समय हुआ हादसा, निगलने में होने लगी परेशानी

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले की कोटा तहसील के ग्राम सरगोंड निवासी 6 वर्षीय नरेंद्र सुबह करीब 7 बजे खेलते समय सिक्का निगल बैठा। इसके बाद उसे कुछ भी निगलने में काफी परेशानी होने लगी। परिजन पहले उसे पेंड्रा के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल सिम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

एक्स-रे से मिली सटीक जानकारी, तुरंत शुरू हुआ इलाज

शाम करीब 6:30 बजे बच्चे को सिम्स लाया गया। रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने एक्स-रे के जरिए पता लगाया कि सिक्का अन्ननली के ऊपरी हिस्से में फंसा हुआ है। इसके बाद एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने बच्चे को सामान्य एनेस्थीसिया दिया।

विशेषज्ञ टीम ने सफलतापूर्वक निकाला सिक्का

ईएनटी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आरती पाण्डेय और सहायक प्राध्यापक डॉ. श्वेता मित्तल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने रिजिड इसोफैगोस्कोपी तकनीक की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक सिक्के को बाहर निकाल लिया। पूरी प्रक्रिया सफल रही और ऑपरेशन के बाद बच्चे की हालत सामान्य एवं संतोषजनक बताई गई।

डॉक्टर बोले- समय पर इलाज से टली बड़ी दुर्घटना

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने बताया कि रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया और ईएनटी विभाग के समन्वित प्रयास तथा आधुनिक चिकित्सा तकनीक के कारण इस जटिल मामले का सफल इलाज संभव हो सका। उन्होंने कहा कि सिम्स का उद्देश्य हर मरीज को समय पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है।

अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यदि कोई बच्चा सिक्का, बटन, बैटरी या अन्य छोटी वस्तु निगल ले, तो इसे हल्के में न लें और घरेलू उपाय करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञ अस्पताल पहुंचें। वहीं ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पाण्डेय ने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों की पहुंच से सिक्के, बटन बैटरी और छोटे खिलौने दूर रखें। यदि बच्चे को गले में दर्द, लार टपकना, निगलने या सांस लेने में तकलीफ हो तो बिना देर किए चिकित्सकीय सहायता लें।