सरगुजा में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, ऑपरेशन क्लीन के तहत दो लाख रुपये की नशीली दवाएं जब्त, आरोपी भेजा गया जेल

अम्बिकापुर। सरगुजा में नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम को बड़ी सफलता मिली है। रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध स्कूटी सवार की तलाशी में ऐसा खुलासा हुआ जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया। आरोपी के बैग से 200 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार 14 जून 2026 की रात थाना गांधीनगर क्षेत्र के सरना मैदान के पास गश्त के दौरान आबकारी टीम की नजर स्कूटी पर सवार एक संदिग्ध युवक पर पड़ी। रोककर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम वाहिद अंसारी निवासी लुंड्रा क्षेत्र बताया। वर्तमान में वह पटपरिया में किराये के मकान में रह रहा था।

जब टीम ने उसके पास मौजूद काले रंग के पिठ्ठू बैग की तलाशी ली तो अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। बैग में कागज की 100 अलग-अलग पुड़ियां बनाई गई थीं। प्रत्येक पुड़िया में एक REXOGESIC इंजेक्शन और एक AVIL इंजेक्शन रखा गया था। इस तरह आरोपी के कब्जे से कुल 100 नग REXOGESIC इंजेक्शन और 100 नग AVIL इंजेक्शन, यानी कुल 200 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए।

बरामद इंजेक्शनों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है। मामले में आरोपी वाहिद अंसारी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स न्यायालय अम्बिकापुर में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि लंबे समय बाद संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम को नशीले इंजेक्शन के एक सक्रिय विक्रेता को पकड़ने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से नशीले इंजेक्शन के अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते सरगुजा जिले में इस अवैध कारोबार पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के डर से कई तस्कर जेल पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ लोगों ने यह धंधा छोड़ दिया है। हालांकि अब भी कुछ लोग चोरी-छिपे इस अवैध कारोबार को संचालित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है।

आबकारी विभाग के अनुसार नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाया जा रहा “ऑपरेशन क्लीन” लगातार प्रभावी साबित हो रहा है और यह कार्रवाई उसी अभियान की एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

उक्त कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, नगर सैनिक रणविजय सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता, रोहित सोनवानी तथा आबकारी स्टाफ नीरज चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।