खाद के नाम पर चल रहा था बड़ा खेल? छापे में खुली परतें, 1500 से ज्यादा बोरी जब्त, कई दुकानों पर गिरी गाज

 

धमतरी। खरीफ सीजन शुरू होने से पहले धमतरी जिले में खाद की कालाबाजारी को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई उर्वरक विक्रेताओं पर शिकंजा कस दिया है। जांच के दौरान ऐसे खुलासे हुए हैं, जिनसे किसानों को चूना लगाने के खेल की आशंका गहरा गई है। कार्रवाई के दौरान 1500 से अधिक बोरी खाद जब्त की गई है, जबकि दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में औचक निरीक्षण किया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचने और किसानों को कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई। अनियमितता की पुष्टि होते ही प्रशासन ने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई।

इसी दौरान नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी तथा जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई। दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

जांच का दायरा बढ़ने पर कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। यहां POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

कृषि विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई से जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं किसानों से अपील की गई है कि खाद खरीदते समय पक्का बिल अवश्य लें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की जानकारी तुरंत कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें।