7 लाख की उधारी बनी दहशत का खेल! घर में घुसकर दी मर्डर की धमकी, 3 कुख्यात बदमाश गिरफ्तार

रायगढ़। उधारी रकम की वसूली के नाम पर घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रायगढ़ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक चिन्हांकित गुंडा बदमाश समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों पर पीड़ित से 10 लाख रुपये की मांग करने और डंडों से हमला करने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, आशीर्वाद पूरम कॉलोनी निवासी कमलेश सिंह ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि वह कोयला ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। आर्थिक तंगी के कारण वह कुडेकेला निवासी ललेश अग्रवाल के लगभग 7 लाख रुपये का भुगतान पिछले तीन वर्षों से नहीं कर पाया था।

पीड़ित के मुताबिक, 11 जून की दोपहर कुख्यात बदमाश कपिल सोलंकी अपने दो साथियों मनीष परियानी और गिरीश माखीजा के साथ उसके घर पहुंचा। आरोप है कि तीनों जबरन घर में घुस गए और धमकी देते हुए कहा कि “तू हम लोगों को नहीं जानता, तेरा मर्डर करवा देंगे।”

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने 7 लाख रुपये की उधारी को लेकर 10 लाख रुपये की मांग की और पैसे नहीं देने पर हाथ-मुक्कों तथा डंडे से जमकर मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित ने कोतवाली थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस ने लगातार दबिश देकर मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने दोनों साथियों की संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद पुलिस ने मनीष परियानी और गिरीश माखीजा को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में तीनों आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

अपराधों का लंबा रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी कपिल सोलंकी थाना कोतवाली क्षेत्र का चिन्हांकित गुंडा बदमाश है। उसके खिलाफ वर्ष 2014 से अब तक पॉक्सो एक्ट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, बलवा और मारपीट समेत कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।

वहीं मनीष परियानी के खिलाफ लूट, प्रताड़ना, मारपीट, आबकारी एक्ट और जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ पुलिस 13 बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर चुकी है और जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है।

तीसरे आरोपी गिरीश माखीजा के खिलाफ भी जुआ, सट्टा और मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसे भी गुंडा सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।

पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में सक्रिय असामाजिक तत्वों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि उधारी की रकम वसूलने के नाम पर कानून हाथ में लेने वाले ऐसे बदमाश आखिर कब तक लोगों में दहशत फैलाते रहेंगे।